‘कांदा एक्सप्रेस’ नासिक से दिल्ली रवाना: अब ₹35 किलो बिकेगा प्याज, 10 से ज्यादा प्रमुख शहरों में शुरू हुई बफर स्टॉक की सप्लाई

खुदरा और थोक मंडियों में प्याज की आसमान छूती कीमतों से आम जनता को राहत दिलाने के लिए उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने अपने रणनीतिक बफर स्टॉक का बड़ा हिस्सा बाजारों में उतार दिया है। महाराष्ट्र के सबसे बड़े प्याज उत्पादक हब लासलगांव (नासिक) से भारतीय रेलवे की विशेष मालगाड़ी 'कांदा एक्सप्रेस' सैकड़ों टन प्याज की खेप लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर भारत के लिए रवाना हो चुकी है।
सड़क मार्ग की तुलना में रेल ट्रांसपोर्ट के जरिए प्याज मंगाने से लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आई है और समय की बचत हुई है। ट्रेन के पहुंचने के साथ ही थोक मंडियों में आपूर्ति की कमी पूरी तरह दूर होगी और कृत्रिम किल्लत पैदा करने वाले बिचौलियों पर सीधा दबाव बनेगा।
₹35 प्रति किलो की रियायती दर पर आम उपभोक्ता को राहत
खुले बाजार में जहां प्याज ₹55 से ₹70 प्रति किलो के भाव बिक रहा था, वहीं सरकार ने इसे सीधे ₹35 प्रति किलोग्राम की किफायती दर पर आम जनता को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
केंद्र सरकार की मूल्य स्थिरीकरण निधि (Price Stabilization Fund) के तहत खरीदे गए बफर स्टॉक को रियायती दर पर बेचकर खुदरा कीमतों को नीचे लाने का यह मॉडल बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। आम परिवारों की मासिक रसोई बजट को संतुलित रखने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की गई है।
दिल्ली-एनसीआर समेत 10 से अधिक बड़े शहरों में सीधी सप्लाई शुरू
कांदा एक्सप्रेस के संचालन के साथ ही देश के 10 से ज्यादा बड़े खपत वाले केंद्रों में प्याज का वितरण नेटवर्क सक्रिय कर दिया गया है।
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उत्तर भारत: दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, चंडीगढ़, लुधियाना और लखनऊ।
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पूर्वी व मध्य भारत: वाराणसी, पटना, रांची, कोलकाता और गुवाहाटी।
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दक्षिण भारत: चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै, कोच्चि और हैदराबाद।
इन सभी शहरों के स्थानीय थोक बाजारों और खुदरा वितरण केंद्रों पर बफर स्टॉक की सीधी आपूर्ति पहुंचाई जा रही है ताकि क्षेत्रीय स्तर पर कीमतों का संतुलन तुरंत बहाल हो सके।
NCCF, NAFED और केंद्रीय भंडार के जरिए घर-घर पहुंचेगा सस्ता प्याज
सस्ते प्याज की बिक्री को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने प्रमुख राष्ट्रीय सहकारी एजेंसियों को मैदान में उतारा है:
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मोबाइल वैन नेटवर्क: नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (NCCF) और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED) प्रमुख रिहायशी इलाकों, मेट्रो स्टेशनों, साप्ताहिक बाजारों और स्लम बस्तियों में अपनी मोबाइल वैन तैनात कर रहे हैं।
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स्थायी बिक्री केंद्र: केंद्रीय भंडार (Kendriya Bhandar) के सभी 100 से अधिक रजिस्टर्ड स्टोर्स और मदर डेयरी के 'सफल' (Safal) आउटलेट्स पर ₹35 प्रति किलो का स्टॉक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है।
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ई-कॉमर्स और डिजिटल डिलीवरी: शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ओएनडीसी (ONDC) और अन्य क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर भी रियायती प्याज घर बैठे डिलीवर करने की व्यवस्था की जा रही है।
जमाखोरों के खिलाफ सख्त चेतावनी, देश में पर्याप्त स्टॉक
केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग ने स्पष्ट किया है कि देश में खरीफ और रबी सीजन के प्याज का पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है और किसी भी प्रकार की वास्तविक कमी नहीं है। सरकार ने राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे थोक व्यापारियों के गोदामों पर नजर रखें और जमाखोरी या मुनाफाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक खुले बाजार में कीमतें सामान्य और स्थिर नहीं हो जातीं, तब तक 'कांदा एक्सप्रेस' के जरिए देश के कोने-कोने में ₹35 प्रति किलो प्याज की निरंतर सप्लाई जारी रहेगी।