टेलीकॉम सेक्टर में सबसे बड़ा महाविलय मॉडल: वोडाफोन आइडिया और BSNL मिलाएंगे हाथ, देश भर में नेटवर्क शेयरिंग पर बनी सहमति, शेयर ने छुआ 52-वीक हाई

देश के टेलीकॉम सेक्टर में जियो और एयरटेल के दबदबे के बीच एक बहुत बड़ा रणनीतिक उलटफेर देखने को मिल रहा है। कर्ज संकट और नेटवर्क विस्तार की चुनौतियों से जूझ रही निजी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea – Vi) और सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने एक-दूसरे की ताकत का इस्तेमाल करने के लिए हाथ मिला लिया है। दोनों कंपनियों के बीच देश के सभी 22 टेलीकॉम सर्किलों में एक्टिव और पैसिव नेटवर्क शेयरिंग को लेकर व्यापक सहमति बन गई है। इस ऐतिहासिक रणनीतिक साझेदारी की खबर सामने आते ही शेयर बाजार में वोडाफोन आइडिया के शेयरों में तूफानी तेजी देखी गई और स्टॉक ने भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ अपने 52-वीक के उच्चतम स्तर (52-Week High) को छू लिया।
सभी 22 सर्किलों में इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग: क्या है इस महाडील का गणित?
टेलीकॉम सूत्रों और रेगुलेटरी हलकों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, यह साझेदारी मुख्य रूप से दोनों कंपनियों के संसाधनों के इष्टतम उपयोग (Optimal Resource Utilization) पर आधारित है। समझौते के तहत वोडाफोन आइडिया और BSNL एक-दूसरे के मोबाइल टावर्स, ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बैकबोन, बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) और ट्रांसमिशन इक्विपमेंट का साझा इस्तेमाल करेंगे।
भारत जैसे विशाल भौगोलिक क्षेत्रफल वाले देश में हर कोने तक नया टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना अत्यधिक खर्चीला और समय लेने वाला काम है। BSNL के पास देश के दूर-दराज, ग्रामीण और रणनीतिक सीमावर्ती इलाकों में सबसे मजबूत और विशाल ऑप्टिकल फाइबर और टावर नेटवर्क मौजूद है। वहीं वोडाफोन आइडिया के पास मेट्रो, टियर-1 और टियर-2 शहरों में आधुनिक स्पेक्ट्रम और मजबूत अर्बन नेटवर्क ढांचा है। दोनों के इस मिलन से बिना भारी पूंजी खर्च किए देश भर में दोनों ही ऑपरेटरों का नेटवर्क कवरेज रातों-रात दोगुना हो जाएगा।
कैपेक्स में भारी बचत और 4G/5G रोलआउट को मिलेगी सुपरफास्ट रफ्तार
इस नेटवर्क शेयरिंग समझौते का सबसे बड़ा आर्थिक फायदा दोनों कंपनियों के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) और ऑपरेटिंग खर्च (OpEx) में कटौती के रूप में सामने आएगा। दोनों कंपनियों को नए टावर लगाने या नई फाइबर लाइन बिछाने के लिए अलग से हजारों करोड़ रुपये खर्च नहीं करने पड़ेंगे। इससे वोडाफोन आइडिया को अपने बहुप्रतीक्षित 4G नेटवर्क विस्तार और 5G रोलआउट की गति को कई गुना तेज करने में मदद मिलेगी।
सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL, जो देश भर में स्वदेशी 4G स्टैक को तेजी से लागू कर रही है और 5G अपग्रेड की तैयारी में है, उसे भी इस डील से जबरदस्त बैकअप मिलेगा। BSNL को शहरी क्षेत्रों में अपने उपभोक्ताओं को बिना रुकावट हाई-स्पीड डेटा देने के लिए Vi के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का सीधा लाभ मिलेगा। यह कदम दोनों ऑपरेटरों को बाजार में रिलायंस जियो और भारती एयरटेल की दोतरफा प्रतिस्पर्धा का मजबूती से मुकाबला करने में सक्षम बनाएगा।
ग्राहकों को मिलेगा सीधा फायदा: कॉल ड्रॉप की समस्या होगी खत्म
इस नेटवर्क शेयरिंग एग्रीमेंट का सीधा और सकारात्मक असर करोड़ों आम मोबाइल उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। वर्तमान में ग्रामीण और सुदूर इलाकों में वोडाफोन आइडिया के यूजर्स को कमजोर सिग्नल या कॉल ड्रॉप की समस्या से जूझना पड़ता था, जबकि शहरी और घनी आबादी वाले इलाकों में BSNL के ग्राहकों को कनेक्टिविटी की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
दोनों कंपनियों के नेटवर्क के आपस में जुड़ जाने से 'रोमिंग लाइक सीमलेस एक्सपीरियंस' मिलेगा। जब कोई Vi यूजर किसी दूरस्थ गांव या हाईवे से गुजरेगा, तो उसका फोन तुरंत BSNL के नजदीकी टावर से कनेक्ट हो जाएगा। इसी तरह BSNL का यूजर जब किसी बड़े शहर या मेट्रो स्टेशन पर होगा, तो उसे Vi के मजबूत शहरी नेटवर्क से डेटा स्पीड और बेहतरीन वॉइस क्लैरिटी मिलेगी। इससे दोनों कंपनियों के ग्राहकों के बीच नेटवर्क पोर्टेबिलिटी (MNP) के जरिए दूसरी कंपनियों में जाने का सिलसिला भी थमेगा।
शेयर बाजार में जोरदार तेजी: वोडाफोन आइडिया ने छुआ 52-वीक हाई
इस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनरशिप की खबर ने दलाल स्ट्रीट पर वोडाफोन आइडिया के शेयर में नई जान फूंक दी है। बाजार खुलते ही स्टॉक में जोरदार लिवाली देखने को मिली और शेयर दिन के ऊपरी सर्किट की ओर दौड़ पड़ा। भारी खरीदारी के दम पर वोडाफोन आइडिया के शेयर ने अपने 52-सप्ताह के नए रिकॉर्ड स्तर को छू लिया।
मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि केंद्र सरकार द्वारा राहत पैकेज और इक्विटी रूपांतरण के बाद यह कदम कंपनी के फंडामेंटल्स को जमीन पर मजबूत करने वाला साबित होगा। नेटवर्क शेयरिंग से होने वाली भारी बचत सीधे तौर पर कंपनी के कैश फ्लो और एबिटा (EBITDA) मार्जिन को सुधारने में मदद करेगी। संस्थागत और खुदरा निवेशकों दोनों ने ही इस रणनीतिक सहयोग को कंपनी के भविष्य के लिए एक बड़े गेम-चेंजर के रूप में देखा है।
टेलीकॉम सेक्टर में 4-प्लेयर मार्केट के अस्तित्व के लिए जरूरी कदम
भारत सरकार और टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) लंबे समय से देश के टेलीकॉम सेक्टर में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए कम से कम चार मजबूत प्लेयर्स (दो निजी और दो सार्वजनिक/सपोर्टेड) के बने रहने की वकालत करते रहे हैं। बाजार में किसी तरह के एकाधिकार (Duopoly) को रोकने के लिए Vi और BSNL का मजबूत होना बेहद अहम माना जा रहा था।
यह साझेदारी दोनों कंपनियों को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय संकट में डाले बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और खोए हुए ग्राहकों को वापस जीतने का एक ठोस प्लेटफॉर्म देती है। जानकारों के मुताबिक, आने वाले दिनों में यह मॉडल अन्य टेलीकॉम सेगमेंट्स जैसे कि एंटरप्राइज सॉल्यूशंस, क्लाउड डेटा कनेक्टिविटी और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) सेवाओं में भी विस्तार ले सकता है।