सोलर कंपनी के हाथ लगा 455 करोड़ का मेगा जैकपॉट: 1 लाख घरों में लगाएगी रूफटॉप सोलर, शेयर 9% तक उछला, कल रडार पर रखें

देश में ग्रीन एनर्जी और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की तेजी के बीच शेयर बाजार में लिस्टेड रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों के दिन फिर गए हैं। इसी कड़ी में पुणे आधारित सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी जीके एनर्जी (GK Energy) के हाथ एक बड़ा सरकारी जैकपॉट लगा है। कंपनी को राज्य सरकार की बिजली वितरण इकाई से राज्य भर के 1 लाख घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित करने का भारी-भरकम प्रोजेक्ट मिला है। इस मेगा ऑर्डर की कुल वैल्यू लगभग 454.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। जैसे ही एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए यह खबर बाजार में पहुंची, निवेशकों में कंपनी के शेयरों को खरीदने की होड़ मच गई और इंट्राडे कारोबार में स्टॉक करीब 9% तक उछल गया।
1 लाख घरों पर लगेगा 1-1 kW का सोलर सिस्टम: 100 MW का प्रोजेक्ट
कंपनी द्वारा एक्सचेंज को दी गई रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से टर्नकी आधार पर एग्जीक्यूट किया जाएगा। योजना के तहत कंपनी को प्रति घर 1 किलोवाट (1 kW) क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम इंस्टॉल करना होगा। इस तरह 1 लाख घरों को मिलाकर इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल उत्पादन क्षमता 100 मेगावाट (100 MW) होगी। सरकार की ओर से कंपनी को प्रति किलोवाट 45,450 रुपये (जीएसटी सहित) का भुगतान किया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी की जिम्मेदारी केवल सोलर पैनल लगाकर छोड़ देने की नहीं होगी। जीके एनर्जी सिस्टम की एंड-टू-एंड इंजीनियरिंग, डिजाइनिंग, सोलर इक्विपमेंट की सप्लाई, सुरक्षित इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और पावर ग्रिड से कनेक्ट कर चालू करने का पूरा काम संभालेगी। इसके साथ ही, कंपनी को अगले 5 वर्षों तक इन सभी 1 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम का ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) भी संभालना होगा। कंपनी को संबंधित वर्क ऑर्डर जारी होने के मात्र 60 दिनों के भीतर प्रत्येक घर का इंस्टॉलेशन पूरा करना अनिवार्य किया गया है।
कंपनी के तिमाही रेवेन्यू का 90% हिस्सा कवर करेगा यह अकेला ऑर्डर
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह 454.5 करोड़ रुपये का ऑर्डर कंपनी के मौजूदा वित्तीय आकार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। यह सिंगल ऑर्डर जीके एनर्जी द्वारा जून तिमाही (Q1) में दर्ज किए गए 505 करोड़ रुपये के कुल रेवेन्यू के लगभग 90% के बराबर है। यह दर्शाता है कि आने वाली तिमाहियों में कंपनी के पास मजबूत रेवेन्यू विजिबिलिटी बनी रहेगी और ईपीसी (EPC) सेगमेंट से होने वाली आय में तेज उछाल देखने को मिलेगा।
कंपनी मुख्य रूप से दो प्रमुख वर्टिकल्स में काम करती है—पहला सोलर इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेवाएं और दूसरा सोलर सेल व संबंधित कंपोनेंट्स की घरेलू व अंतरराष्ट्रीय ट्रेडिंग। वर्तमान में कंपनी की कुल आय का सबसे बड़ा हिस्सा ईपीसी कारोबार से ही आता है।
वित्तीय प्रदर्शन में 54% का तगड़ा उछाल और मार्जिन का गणित
हाल ही में समाप्त हुई जून तिमाही (Q1 FY27) में कंपनी ने दमदार वित्तीय परिणाम पेश किए थे। सालाना आधार पर कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 54% बढ़कर 57 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में महज 37 करोड़ रुपये था। कंपनी का ऑपरेशंस से कुल रेवेन्यू भी 55.4% की जोरदार छलांग लगाकर 505 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो एक साल पहले 325 करोड़ रुपये था।
कंपनी का एबिटा (EBITDA) 44% सुधरकर 82.4 करोड़ रुपये रहा, जबकि टैक्स से पहले मुनाफा (PBT) 50.5 करोड़ रुपये से बढ़कर 80.3 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। हालांकि, इन शानदार नंबरों के बीच परिचालन लागत बढ़ने से कंपनी का एबिटा मार्जिन पिछले साल के 17.6% से थोड़ा घटकर 16.3% पर आ गया है, जिस पर कंपनी मैनेजमेंट आने वाले प्रोजेक्ट्स में लागत नियंत्रण के जरिए सुधार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
शेयर बाजार में 9% का उछाल: क्या कल भी जारी रहेगी तेजी?
इस बड़े सरकारी प्रोजेक्ट की घोषणा के बाद बुधवार के कारोबारी सत्र में कंपनी के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। शेयर दिन के ऊपरी स्तर पर 9% तक चढ़कर 134.81 रुपये के आसपास बंद हुआ। वॉल्यूम में कई गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे स्पष्ट होता है कि रिटेल निवेशकों के साथ-साथ हाई-नेट-वर्थ और डीआईआई इन्वेस्टर्स का भरोसा भी कंपनी की एग्जीक्यूशन क्षमता पर बढ़ा है।
तकनीकी चार्ट पर स्टॉक ने अपने प्रमुख मूविंग एवरेज को पार करते हुए एक मजबूत ब्रेकआउट दिया है। पिछले छह महीनों में इस शेयर ने निवेशकों को करीब 18.62% का पॉजिटिव रिटर्न दिया है। बाजार जानकारों का मानना है कि सरकारी क्लीन एनर्जी टारगेट्स और रूफटॉप सब्सिडी नीतियों का सीधा फायदा इस जैसी मिडकैप सोलर कंपनियों को मिल रहा है। अगले कारोबारी सत्र में भी इस स्टॉक पर निवेशकों और ट्रेडर्स की पैनी नजर रहेगी।