उत्तर प्रदेश

UP Road Projects: प्रयागराज से चित्रकूट और मीरजापुर का सफर होगा आसान! NHAI 8,315 करोड़ से बनाएगा दो नए फोरलेन रास्ते; सिर्फ डेढ़ घंटे में पहुंचेंगे चित्रकूट

तीर्थराज प्रयागराज से दो प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों—चित्रकूट धाम और मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर)—की यात्रा आने वाले समय में बेहद तेज, सुरक्षित और सुगम होने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और उत्तर प्रदेश प्रशासन ने इन दोनों महत्वपूर्ण मार्गों को आधुनिक फोरलेन और ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर में तब्दील करने की तैयारी तेज कर दी है। दोनों परियोजनाओं पर कुल मिलाकर लगभग 8,315 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी।

मंडल स्तर पर हुई उच्चस्तरीय समन्वय बैठक में इन दोनों वृहद सड़क परियोजनाओं के रूट अलाइनमेंट, रियलाइन्मेंट, बाईपास और भूमि से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से रणनीति बनाई गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से इन दोनों परियोजनाओं के प्राथमिक अलाइनमेंट को हरी झंडी मिल चुकी है। इन मार्गों के तैयार होने के बाद न केवल यात्रा का समय घटकर आधा रह जाएगा, बल्कि माघ मेला, महाकुंभ और सामान्य दिनों में लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से भी हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी।

प्रयागराज-राजापुर-चित्रकूट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर: महज 90 मिनट में पहुंचेंगे चित्रकूट

इस योजना का सबसे प्रमुख आकर्षण प्रयागराज से चित्रकूट के बीच प्रस्तावित नया 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर है।

  • परियोजना की लागत व लंबाई: लगभग 49.65 किलोमीटर लंबे इस पूरी तरह नए मार्ग के निर्माण पर करीब 3,821 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

  • घनी आबादी से अलग वैकल्पिक मार्ग: चूंकि यह ग्रीनफील्ड और कंट्रोल्ड-एक्सेस हाईवे होगा, इसलिए इसे घनी आबादी वाले कस्बों और भीड़भाड़ वाले पुराने रास्तों से अलग बिल्कुल नए रूट पर विकसित किया जा रहा है। इससे अनावश्यक कट और स्थानीय रुकावटें खत्म हो जाएंगी।

  • रूट का जुड़ाव: यह कॉरिडोर प्रयागराज एयरपोर्ट के पास से प्रस्तावित रिंग रोड और राम वनगमन पथ से होते हुए आगे बढ़ेगा।

  • समय में भारी बचत: वर्तमान में प्रयागराज से चित्रकूट जाने में 3 से 4 घंटे लग जाते हैं। नया फोरलेन मार्ग बनने के बाद श्रद्धालु और पर्यटक महज 1.5 घंटे (डेढ़ घंटे) में संगमनगरी से चित्रकूट धाम और गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर पहुंच सकेंगे।

एनएच-35 (लेप्रोसी चौराहा से मीरजापुर बाईपास): 80.8 किमी मार्ग होगा पूरा फोरलेन

दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना प्रयागराज से मीरजापुर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-35 (NH-35) के संपूर्ण चौड़ीकरण से जुड़ी है:

  • परियोजना की लागत: इस मार्ग के कायाकल्प पर लगभग 4,495 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

  • सड़क की लंबाई: नैनी स्थित लेप्रोसी चौराहे से लेकर मीरजापुर बाईपास तक करीब 80.8 किलोमीटर लंबे हिस्से को पूरी तरह से फोरलेन में अपग्रेड किया जाएगा।

  • खतरनाक मोड़ों से मुक्ति और बाईपास: वर्तमान में एनएच-35 का कुछ हिस्सा फोरलेन और कुछ हिस्सा संकरा टू-लेन है, जिससे अलग-अलग चौड़ाई के कारण अक्सर दुर्घटनाएं और जाम की स्थिति बनती है। नई परियोजना में खतरनाक घुमावदार मोड़ों को सीधा करने (Re-alignment) और घनी आबादी वाले कस्बों के लिए नए बाईपास बनाने का प्रस्ताव शामिल है।

  • विंध्याचल जाने वालों को राहत: इस मार्ग के फोरलेन होने से मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं, प्रयागराज व मीरजापुर के दैनिक यात्रियों और भारी कमर्शियल वाहनों को सुगम और सुरक्षित आवागमन मिलेगा।

धार्मिक पर्यटन, कृषि और औद्योगिक माल ढुलाई को मिलेगी नई रफ्तार

इन दोनों सड़क गलियारों के निर्माण से बुंदेलखंड और पूर्वांचल के बीच आर्थिक गतिविधियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा:

प्रयागराज, चित्रकूट और मीरजापुर धार्मिक पर्यटन का प्रमुख त्रिकोण माने जाते हैं। बेहतर सड़क तंत्र बनने से तीनों जनपदों में पर्यटकों की संख्या में कई गुना इजाफा होगा, जिससे स्थानीय होटल, परिवहन और कुटीर उद्योगों की आय बढ़ेगी।

इसके अलावा, मीरजापुर के प्रसिद्ध कालीन उद्योग, पीतल बर्तन उद्योग, पत्थर खनन उद्योग और चित्रकूट-कौशाम्बी क्षेत्र के कृषि उत्पादों (जैसे अमरूद, सब्जियां और अनाज) को बड़े बाजारों तक पहुंचाना काफी सस्ता और तेज हो जाएगा।

दक्षिण प्रयागराज और कुंभ मेले के ट्रैफिक प्रबंधन पर विशेष जोर

परियोजना की समीक्षा के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इन नए मार्गों का लाभ केवल उत्तरी प्रयागराज तक सीमित न रहे। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि नैनी इंडस्ट्रियल एरिया, एयरोसिटी और दक्षिण प्रयागराज के हिस्सों को भी इस नेटवर्क से प्रभावी ढंग से जोड़ा जाए।

प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने सुझाव दिया है कि माघ मेला और आगामी कुंभ मेलों के दौरान मीरजापुर और मध्य प्रदेश की तरफ से आने वाले लाखों वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश कराए बिना ही वैकल्पिक रिंग रोड और बाईपास के जरिए मेला क्षेत्र और सिरसा इलाके तक भेजा जा सके, ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने। एनएचएआई अब स्थानीय विभागों के साथ मिलकर भूमि चिन्हीकरण और डीपीआर की प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने में जुट गया है।

परियोजना का नाम प्रस्तावित लंबाई अनुमानित लागत मुख्य लाभ
प्रयागराज-राजापुर-चित्रकूट कॉरिडोर 49.65 किमी (ग्रीनफील्ड) ₹3,821 करोड़ चित्रकूट का सफर 1.5 घंटे में, नया एक्सेस-कंट्रोल्ड रूट
NH-35 प्रयागराज-मीरजापुर चौड़ीकरण 80.80 किमी ₹4,495 करोड़ लेप्रोसी चौराहे से मीरजापुर बाईपास तक पूरा 4-लेन, नए बाईपास
कुल संयुक्त बजट ~130.45 किमी ₹8,315 करोड़ पर्यटन, माल ढुलाई और कुंभ ट्रैफिक को सीधा लाभ
 

Back to top button