चुनाव से ठीक पहले हेब्रोन में बड़ा सैन्य ऑपरेशन, घर ढहाए और आवाजाही पूरी तरह बंद

पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच इजरायल में संसदीय चुनाव के मतदान से महज चार दिन पहले अधिकृत वेस्ट बैंक में एक खूनी और घातक मुठभेड़ सामने आई है। शुक्रवार तड़के फलस्तीनी हमलावरों और इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) के बीच हुई आमने-सामने की भीषण गोलीबारी में दो इजरायली सैनिकों की मौत हो गई, जबकि जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने दो हथियारबंद फलस्तीनी हमलावरों को मौके पर ही ढेर कर दिया। इस हिंसक टकराव में कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। चुनाव से ठीक पहले सुरक्षा में हुई इस बड़ी सेंधमारी और सैनिकों के हताहत होने के बाद इजरायली नेतृत्व आगबबूला हो गया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सख्त निर्देशों के बाद इजरायली सेना ने वेस्ट बैंक के संवेदनशील हेब्रोन इलाके को चारों तरफ से घेरकर एक बड़े पैमाने पर लक्षित आतंकवाद विरोधी अभियान (काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन) का आगाज कर दिया है। पूरे वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ हमलावरों से जुड़े बुनियादी ढांचे और संदिग्ध मकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें जमींदोज करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
येहुदा जंक्शन पर 20 मिनट तक चली भीषण गोलीबारी: सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने की बड़ी साजिश नाकाम
प्राप्त आधिकारिक जानकारी और सैन्य बयानों के अनुसार, यह भयानक खूनी झड़प हेब्रोन शहर के बेहद रणनीतिक माने जाने वाले येहुदा जंक्शन के पास घटित हुई। शुक्रवार सुबह दो भारी हथियारों से लैस फलस्तीनी लड़ाके वेस्ट बैंक में स्थित एक इजरायली सैन्य चौकी के बेहद करीब पहुंच गए और बिना किसी चेतावनी के वहां तैनात जवानों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। अचानक हुए इस सुनियोजित हमले के बाद दोनों पक्षों के बीच करीब 20 मिनट तक आमने-सामने की भीषण गोलीबारी हुई। इजरायली सैनिकों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की और दोनों हमलावरों को मार गिराया, हालांकि इस दौरान दो इजरायली जवान भी वीरगति को प्राप्त हो गए। मुठभेड़ स्थल की तलाशी के दौरान आईडीएफ को मारे गए हमलावरों के पास से एक अमेरिकी मूल की घातक एम-16 (M-16) असॉल्ट राइफल, एक हैंडगन और भारी मात्रा में जिंदा गोला-बारूद बरामद हुआ है। इजरायली सेना के प्रवक्ताओं ने दावा किया है कि समय रहते की गई जवाबी कार्रवाई से चुनाव के माहौल में आम नागरिकों और सैन्य ठिकानों पर होने वाले एक बहुत बड़े आतंकी हमले के मंसूबे को पूरी तरह विफल कर दिया गया है।
हेब्रोन में इजरायली सेना का महा-सर्च ऑपरेशन: दर्जनों फलस्तीनी हिरासत में, घरों को ढहाने का एक्शन शुरू
मुठभेड़ के तुरंत बाद इजरायल रक्षा बलों (IDF), बॉर्डर पुलिस और आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने हेब्रोन शहर और उसके आसपास के फलस्तीनी रिहायशी इलाकों में एक सघन और आक्रामक घेराबंदी अभियान शुरू कर दिया। आईडीएफ के आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक, विशेष सुरक्षा दस्तों ने हमलावरों से जुड़े नेटवर्क, गुप्त हथियार गोदामों और संदिग्ध ठिकानों को तलाशने व नेस्तनाबूद करने के लिए लक्षित तलाशी अभियान छेड़ दिया है। इलाके में घर-घर जाकर तलाशी ली जा रही है और संदिग्धों से मौके पर ही कड़ी पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा बलों ने अब तक दर्जनों स्थानीय फलस्तीनियों को पूछताछ और आतंकी संपर्कों के संदेह में गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इजरायली सरकार ने सख्त दंडात्मक नीति अपनाते हुए हमले में शामिल मारे गए फलस्तीनियों के परिजनों और संदिग्ध मददगारों के घरों को भारी बुलडोजरों की मदद से ढहाना शुरू कर दिया है, जिससे पूरे इलाके में गहरा तनाव और रोष फैल गया है।
मतदान से 4 दिन पहले नेतन्याहू की हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंग: चुनाव में खलल डालने की साजिश नहीं होगी सफल
मंगलवार को होने वाले इजरायली संसद (नेसेट) के आम चुनाव से ठीक पहले हुए इस हमले ने देश के राजनीतिक और सुरक्षा गलियारों में खलबली मचा दी है। घटना की सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तेल अवीव में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट, आईडीएफ प्रमुख, रक्षा मंत्री और खुफिया विंग्स के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय आपातकालीन समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक के बाद कड़ा संदेश देते हुए नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल के वीर सैनिकों ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक बड़े आतंकी मंसूबे को ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने दो टूक कहा कि हमास और अन्य चरमपंथी गुटों के लिए अब कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं बची है। प्रधानमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि राष्ट्रीय चुनावों के संवेदनशील समय में हिंसा भड़काकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने की फलस्तीनी आतंकी संगठनों की साजिशों को किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने मुठभेड़ में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि घायलों में इजरायली सुरक्षा कर्मी व नागरिक शामिल हैं।
वेस्ट बैंक में पूर्ण सैन्य नाकेबंदी: सीमाएं सील होने से स्थानीय फलस्तीनियों का जीवन ठप
घटना के तुरंत बाद इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश पर पूरे वेस्ट बैंक और विशेष रूप से हेब्रोन शहर को चारों तरफ से कंक्रीट बैरिकेड्स और सैन्य चौकियों से सील कर दिया गया है। फलस्तीनी आबादी के एक जिले से दूसरे जिले में जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और सभी प्रमुख क्रॉसिंग पॉइंट्स को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। इजरायल के कब्जे वाले इस फलस्तीनी बहुल इलाके में चप्पे-चप्पे पर बख्तरबंद गाड़ियां गश्त कर रही हैं और आसमान से सैन्य निगरानी ड्रोन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं। राजनीतिक और मानवाधिकार विशेषज्ञों का मानना है कि मंगलवार को मतदान संपन्न होने तक इजरायली सुरक्षा तंत्र इस समूचे क्षेत्र में किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। वहीं दूसरी ओर, अचानक लागू की गई इस पूर्ण नाकेबंदी और बुलडोजर एक्शन के कारण हजारों स्थानीय फलस्तीनी नागरिकों की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे वेस्ट बैंक में हिंसक टकराव और जनाक्रोश और अधिक भड़कने की गंभीर आशंका जताई जा रही है।