UP Weather Today: यूपी में 3 दिन साफ रहेगा आसमान, फिर चक्रवात लाएगा बेमौसम बारिश

उत्तर प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिलने वाला है। जहां वर्तमान समय में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूप खिलने के साथ मौसम शुष्क और साफ बना हुआ है, वहीं बंगाल की खाड़ी में तेजी से आकार ले रहे चक्रवाती तूफान ने मौसम वैज्ञानिकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। प्रादेशिक मौसम केंद्र लखनऊ के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले तीन दिनों तक राज्य के ज्यादातर इलाकों में मौसम आमतौर पर शांत और साफ रहेगा, लेकिन 28 अक्टूबर से प्रदेश का मिजाज पूरी तरह बदलने जा रहा है। चक्रवाती तूफान का असर सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों में देखने को मिलेगा, जहां तेज रफ्तार हवाओं, आकाशीय बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बेमौसम बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सोनभद्र, वाराणसी, मिर्जापुर और चंदौली समेत पूर्वांचल के कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया है। त्योहारी सीजन के मुहाने पर इस तरह अचानक बारिश के लौटने से जहां तापमान में गिरावट आएगी और ठंडक बढ़ेगी, वहीं किसानों की खड़ी फसलों पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान: 26 अक्टूबर को ओडिशा-आंध्र तट की ओर बढ़ेगा सिस्टम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक शक्तिशाली चक्रवाती सिस्टम विकसित हो रहा है जो लगातार तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। मौसम मॉडल के विश्लेषण से पता चलता है कि 26 अक्टूबर को यह चक्रवाती तूफान उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों की तरफ तेजी से अग्रसर होगा। जैसे ही यह समुद्री तूफान तट से टकराएगा, इसका लैंडफॉल प्रभाव मध्य भारत से होते हुए उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में भारी मात्रा में नमी खींच लाएगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की नम हवाओं के इस टकराव का सीधा असर उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों पर पड़ेगा। हालांकि 27 अक्टूबर तक प्रदेश भर में मौसम मोटे तौर पर साफ और धूप वाला बना रहेगा, जिससे लोगों को दिन में हल्की गर्मी का अहसास होगा। 24 अक्टूबर को पश्चिमी यूपी के इक्का-दुक्का इलाकों में स्थानीय बादलों के चलते छिटपुट बौछारें जरूर पड़ सकती हैं, लेकिन असल मौसमी हलचल 28 अक्टूबर की सुबह से पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसमान पर घने बादलों के छाने के साथ शुरू होगी।
28 अक्टूबर से पूर्वी यूपी में 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं: सोनभद्र, वाराणसी और भदोही में यलो अलर्ट
मौसम विभाग के बुलेटिन में स्पष्ट किया गया है कि 28 अक्टूबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में तेज हवाओं का दौर शुरू होगा। चक्रवात के बाहरी बादलों के प्रवेश के साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान वायुमंडल में अचानक अस्थिरता पैदा होने से तेज गर्जना और बिजली कड़कने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। मौसम केंद्र ने इस दिन के लिए विशेष रूप से सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर (भदोही), गाजीपुर, बलिया और इनके आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा गया है क्योंकि तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम सबसे अधिक पूर्वांचल के इन्हीं जनपदों में बना रहेगा।
29 अक्टूबर को पूर्वांचल में भारी बारिश का तांडव: अयोध्या, अमेठी और रायबरेली तक दिखेगा असर
28 अक्टूबर को शुरू होने वाला यह मौसमी बदलाव 29 अक्टूबर को अपने चरम पर पहुंचेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 29 अक्टूबर को पूर्वी यूपी के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा चक्रवाती नमी का दायरा मध्य और तराई के जिलों तक फैल जाएगा। बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर व आसपास के ग्रामीण इलाकों में दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होने के आसार हैं। अचानक होने वाली इस तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
राजधानी लखनऊ में ठंडक देगी दस्तक: तापमान में गिरावट और किसानों के लिए जरूरी सावधानी
प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के मध्यवर्ती जिलों के मौसम को लेकर राहत की बात यह है कि यहां किसी विनाशकारी चक्रवाती तूफान या अत्यंत भारी बारिश की सीधी आशंका नहीं जताई गई है। मौसम विभाग का आकलन है कि लखनऊ में आसमान में आंशिक रूप से बादलों का डेरा रह सकता है और ठंडी हवाओं के चलने से दिन के पारे में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज होगी। सुबह और रात के समय वातावरण में सिहरन बढ़ जाएगी, जिससे गुलाबी ठंड का औपचारिक आगमन माना जा सकता है। दूसरी तरफ, कृषि विशेषज्ञों ने बेमौसम बारिश की इस चेतावनी को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। धान की पकी फसल की कटाई, मड़ाई और खेतों में खुले पड़े अनाजों को 27 अक्टूबर तक सुरक्षित स्थानों या गोदामों में पहुंचाने का काम पूरा कर लेने की हिदायत दी गई है, ताकि 28 और 29 अक्टूबर की संभावित तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश से फसलों को बर्बाद होने से बचाया जा सके।