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Smriti Mandhana Wedding : खुशियों को लगी किसकी नजर? इंटरनेट की गंदी जुबान ने स्मृति मंधाना को मजबूर किया शादी टालने पर

News India Live, Digital Desk : हम भारतीय क्रिकेट को धर्म और क्रिकेटर्स को भगवान मानते हैं। खासकर,स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana), जो न सिर्फ अपने शानदार खेल बल्कि अपनी सादगी के लिए भी पूरे देश की धड़कन (National Crush) मानी जाती हैं। हाल ही में, फैंस उनकी शादी की शहनाइयां बजने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब एक ऐसी खबर आ रही है जिसने हर समझदार इंसान का दिल दुखा दिया है।खबर है कि स्मृति मंधाना ने फिलहाल अपनी शादी कोस्थगित (Postpone) कर दिया है। और इसकी वजह कोई पर्सनल मजबूरी नहीं, बल्कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का वह ‘काला चेहरा’ (Dark Side) है, जिसने एक हंसती-खेलती जिंदगी में जहर घोलने का काम किया है।आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि टीम इंडिया की इस शेरनी को यह कदम उठाना पड़ा।इंटरनेट का “जहर” और फेक कहानियाँ (Toxic Narratives)दोस्तों, जैसे ही स्मृति मंधाना के रिश्ते या मंगेतर की बातें सामने आईं, सोशल मीडिया पर कुछ “कीबोर्ड वॉरियर्स” (जिन्हें असल जिंदगी में शायद कोई न जानता हो) ने उन पर निजी हमले शुरू कर दिए।कुछ लोगों ने उनके होने वाले जीवनसाथी के लुक्स पर कमेंट किए, तो कुछ ने बेतुकी और मनगढ़ंत कहानियां (Wild Narratives) बनानी शुरू कर दीं।सोचिए, एक लड़की जो देश के लिए वर्ल्ड कप में जान लगा देती है, जब वो अपनी निजी जिंदगी में खुश होना चाहती है, तो उसे बधाई देने के बजाय ट्रोल किया जाता है।यह आलोचना नहीं, यहमानसिक उत्पीड़न (Harassment) है। सोशल मीडिया पर जिस तरह की ‘विशैली बातें’ (Toxic Speculation) फैलाई गईं, उसने साबित कर दिया कि हम टेक्नोलॉजी में तो आगे बढ़ गए हैं, लेकिन सोच में शायद आज भी बहुत पीछे हैं।प्राइवेसी का हननहर इंसान, चाहे वो सेलेब्रिटी हो या आम आदमी, एक निजी स्पेस डिजर्व करता है। स्मृति मंधाना हमेशा अपनी पर्सनल लाइफ को प्राइवेट रखती हैं। लेकिन इंटरनेट के इस दौर में लोगों ने बिना सच्चाई जाने जजमेंट पास करना शुरू कर दिया।जब किसी रिश्ते की शुरुआत में ही चारों तरफ से नफरत और नेगेटिविटी आने लगे, तो कोई भी इंसान यह सोचेगा कि,”क्या अभी जश्न मनाने का सही समय है?” शायद मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ही उन्होंने यह ब्रेक लेने का फैसला किया।फैंस के नाम एक सवालयह घटना हम सब से एक सवाल पूछती है क्या किसी को “पब्लिक फिगर” होने की सजा यह मिलनी चाहिए कि उसे अपनी खुशियाँ कुर्बान करनी पड़ें?सोशल मीडिया हमें जोड़ने के लिए बना था, किसी की खुशियों में आग लगाने के लिए नहीं। अगर हम अपने स्टार्स के शतक पर तालियां बजा सकते हैं, तो उनके प्यार पर ‘चुप’ क्यों नहीं रह सकते?

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