किसी अपने के जाने के बाद उनका आधार कार्ड बंद कराना क्यों है ज़रूरी? आज ही जानें सही तरीका

जब घर से कोई अपना हमेशा के लिए चला जाता है,तो पूरा परिवार गहरे दुख में डूब जाता है। रस्म-रिवाज और अंतिम क्रियाओं में हम इतने उलझ जाते हैं कि अक्सर एक बहुत जरूरी जिम्मेदारी निभाना भूल जाते हैं-वह है मृतक के जरूरी दस्तावेज़ों,खास तौर पर’आधार कार्ड’को बंद करना।हम सोचते हैं कि इंसान नहीं रहा तो आधार का क्या काम?लेकिन सच यह है कि एकसक्रिय (Active)आधारजालसाजों के लिए खुले खजाने जैसा होता है। अगर समय रहते इसे निष्क्रिय (Deactivate)नहीं किया गया,तो मृतक की पहचान चोरी होने का खतरा बना रहता है।सावधान! हो सकता है बड़ा दुरुपयोगUIDAIका कहना है कि आधार कार्ड को खुला छोड़ना डिजिटल सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है। सोचिये,अगर किसी गलत हाथ में यह कार्ड लग गया तो क्या हो सकता है?अपराधी मृतक के नाम परफर्जी बैंक खातेखुलवा सकते हैं।सिम कार्ड निकलवाकर गैर-कानूनी कामों में इस्तेमाल कर सकते हैं।लोनले सकते हैं या सरकारी पेंशन और सब्सिडी हड़प सकते हैं।यहां तक कि वोटर लिस्ट में भी’बोगस नाम’चलता रहता है।आपको जानकर हैरानी होगी किUIDAIने अब तक सुरक्षा के लिहाज से1.17करोड़ से ज्यादामृतकों के आधार निष्क्रिय किए हैं। यह आंकड़ा बताता है कि सरकार इसे लेकर कितनी गंभीर है,और आपको भी होना चाहिए।घर बैठे ऐसे करें आधार’डीएक्टिवेट’ (सरल तरीका)अब अच्छी खबर यह है कि इसके लिए आपको लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं है।UIDAIने’माय आधार’पोर्टल पर यह सुविधा ऑनलाइन दे दी है।सबसे पहलेmyAadhaarपोर्टल (myaadhar.uidai.gov.in)पर जाएं और लॉगिन करें।वहां आपको’Report Death of a Family Member’ (परिवार के सदस्य की मृत्यु की सूचना दें) का विकल्प दिखेगा,उस पर क्लिक करें।अब आपको मृतक काआधार नंबरडालना होगा।सबूत के तौर परमृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)और अपना उनसेरिश्ता साबित करने वाला दस्तावेज़ (जैसे राशन कार्ड आदि) अपलोड करें।सबमिट कर दें। वेरिफिकेशन के15से30दिनोंके अंदर उनका आधार हमेशा के लिए निष्क्रिय कर दिया जाएगा।फिलहाल यह ऑनलाइन सुविधा24राज्यों में है और जल्द ही बाकी जगहों पर भी शुरू हो जाएगी।एक बड़ा सवाल: क्या वो नंबर किसी और को मिल जाएगा?लोगों के मन में एक डर होता है कि आधार डीएक्टिवेट करने पर वही नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को तो अलॉट नहीं हो जाएगा? UIDAIने इसे बिल्कुल साफ किया है-“आधार नंबर एक यूनिक पहचान है।”एक बार जो नंबर किसी को जारी हो गया,वह दोबारा किसी भी नए व्यक्ति को नहीं दिया जाता,चाहे मूल धारक की मृत्यु ही क्यों न हो गई हो।इसलिए,निश्चिंत रहें और दुख की इस घड़ी में थोड़ी सतर्कता भी बरतें। मृत्यु प्रमाण पत्र हाथ आते ही आधार निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दें। यह छोटा सा कदम आपके परिवार की सुरक्षा और मृतक के सम्मान दोनों के लिए ज़रूरी है।