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AAP में महासंग्राम: पद से हटाए गए राघव चड्ढा का छलका दर्द, ‘खामोश हूं, हारा नहीं’ के साथ दी चेतावनी; दिशा पटानी की बहन ने दी अपनी पार्टी बनाने की सलाह!

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मची अंदरूनी कलह अब एक बड़े राजनीतिक भूचाल में तब्दील हो गई है। राज्यसभा में उप-नेता के पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पार्टी नेतृत्व को कड़ा संदेश दिया है। इस सियासी घमासान के बीच बॉलीवुड कनेक्शन ने भी एंट्री मार ली है। अभिनेत्री दिशा पटानी की बहन खुशबू पटानी ने राघव चड्ढा का खुलकर समर्थन करते हुए उन्हें एक ऐसी सलाह दे दी है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है कि क्या राघव अब अपनी अलग राह चुनेंगे?’मैं वो दरिया हूं जो सैलाब बन सकता है’: राघव चड्ढा का तीखा पलटवारराज्यसभा में अपनी जगह अशोक मित्तल को दिए जाने के बाद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक और आक्रामक वीडियो जारी किया है। पद से हटाए जाने के फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने साफ कहा कि संसद में जनता की आवाज उठाने के उनके संवैधानिक हक को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने वीडियो के कैप्शन में ‘खामोश हूं, हारा नहीं’ लिखकर यह संकेत दे दिया है कि वे इस लड़ाई को आगे ले जाएंगे। वीडियो में उन्होंने अपनी चुप्पी को कमजोरी न समझने की चेतावनी देते हुए कहा, “जिन्होंने संसद में मेरे बोलने का हक छीना है, वे मेरी खामोशी को हार न समझें। मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब में बदल सकता हूं।”खुशबू पटानी का समर्थन: “राघव जी, अपनी अलग पार्टी बनाइए”राघव चड्ढा के इस वीडियो ने न केवल उनके समर्थकों बल्कि बॉलीवुड हस्तियों का ध्यान भी खींचा है। दिशा पटानी की बहन खुशबू पटानी ने इस विवाद में कूदते हुए राघव चड्ढा की योग्यता का लोहा माना। उन्होंने कमेंट करते हुए लिखा कि भारत को राघव जैसे शिक्षित और विजनरी नेताओं की सख्त जरूरत है। खुशबू ने एक कदम आगे बढ़ते हुए सुझाव दिया कि राघव को अपनी खुद की पार्टी बनानी चाहिए। उन्होंने लिखा, “राघव जी, मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में आप अपनी खुद की पार्टी बनाएंगे। हम सभी आपके साथ जुड़ना चाहेंगे क्योंकि आप वाकई देश हित में काम करना चाहते हैं।” खुशबू का यह ‘ओपन ऑफर’ अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।केजरीवाल की गिरफ्तारी और राघव की ‘मिस्टीरियस’ खामोशीआखिर ‘आप’ के पोस्टर बॉय माने जाने वाले राघव चड्ढा पर यह गाज क्यों गिरी? पार्टी सूत्रों और राजनीतिक जानकारों की मानें तो इसकी जड़ें मार्च 2024 में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी से जुड़ी हैं। जब पार्टी अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही थी और केजरीवाल जेल में थे, तब राघव चड्ढा आंखों के इलाज के बहाने लंबे समय तक विदेश में रहे। इस दौरान उनकी रहस्यमयी चुप्पी और पार्टी के अहम कार्यक्रमों से नदारद रहने ने हाईकमान को नाराज कर दिया था। हालांकि पार्टी इसे एक सामान्य ‘संगठनात्मक फेरबदल’ बता रही है, लेकिन विपक्षी दल भाजपा ने सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि राघव ने मुश्किल वक्त में केजरीवाल का साथ छोड़ा था, जिसका इनाम उन्हें अब पद छीनकर दिया गया है।क्या राघव चड्ढा की नई राह होगी ‘AAP’ के लिए खतरा?राघव चड्ढा ने अपने छोटे से कार्यकाल में हवाई अड्डों पर खाने-पीने की चीजों की कीमतों में कटौती जैसे मुद्दों पर आम जनता के बीच गहरी पैठ बनाई थी। उनकी लोकप्रियता और अब बाहरी समर्थन मिलने के बाद पार्टी के भीतर डर का माहौल है। क्या वे पार्टी के भीतर रहकर ही संघर्ष करेंगे या फिर खुशबू पटानी जैसी शुभचिंतकों की सलाह मानकर कोई नया राजनीतिक मंच तैयार करेंगे? इस सवाल का जवाब आने वाले समय में दिल्ली और पंजाब की राजनीति की दिशा तय करेगा। फिलहाल, राघव की ‘खामोशी’ ने आम आदमी पार्टी के भविष्य पर कई बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

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