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Amazon की सख्ती या ज्यादती? मैनेजर्स को मिला पल-पल की खबर रखने वाला डैशबोर्ड, मचा हड़कंप

News India Live, Digital Desk : कोरोना के बाद से ही दुनिया भर की कंपनियों और उनके कर्मचारियों के बीच एक रस्साकशी चल रही है। कंपनियां चाहती हैं कि कर्मचारी ऑफिस आकर काम करें, और कर्मचारी ‘वर्क फ्रॉम होम’ छोड़ना नहीं चाहते। लेकिन ई-कॉमर्स की दुनिया के बादशाह अमेज़न (Amazon) ने अब इस लड़ाई को एक अलग ही लेवल पर पहुंचा दिया है।ताज़ा ख़बरों के मुताबिक, अमेज़न ने एक ऐसा सिस्टम या ‘टूल’ तैयार किया है, जिसे लेकर कॉर्पोरेट जगत में काफी कानाफूसी हो रही है। आसान भाषा में कहें तो अब कंपनी सिर्फ़ यह नहीं देखेगी कि आप ऑफिस आए या नहीं, बल्कि यह भी देखेगी कि आप कितनी देर ऑफिस में रुके।’कॉफी बैजिंग’ का खेल ख़त्म?अक्सर हम सुनते हैं (और शायद कुछ लोग करते भी हैं) कि लोग ऑफिस जाते हैं, अपना आईडी कार्ड स्वाइप करते हैं, कैंटीन में एक कॉफी पीते हैं, और एक-दो घंटे बाद ‘वर्क फ्रॉम होम’ का बहाना बनाकर निकल जाते हैं। इसे कॉर्पोरेट भाषा में ‘Coffee Badging’ कहा जाता है।अमेज़न को यह बात रास नहीं आ रही थी। रिपोर्ट्स का कहना है कि कंपनी ने एक ऐसा ‘इंटरनल डैशबोर्ड’ (Internal Dashboard) या टूल बनाया है जो मैनेजर्स को यह दिखाएगा कि उनकी टीम का कौन सा बंदा ऑफिस में कितने घंटे बिता रहा है।मैनेजर्स के हाथ में दी जासूसी की कमानसोचिए, आपके मैनेजर के पास एक स्क्रीन है जिस पर लाल और हरे रंग में लिखा आ रहा है कि आज आपने ऑफिस में पूरे 8 घंटे बिताए या सिर्फ 4 घंटे। अमेज़न का नया नियम यही है। मैनेजर्स को हिदायत दी गई है कि वे उन लोगों से सवाल-जवाब करें जो तय किए गए घंटों से कम समय ऑफिस में बिता रहे हैं।कर्मचारियों का कहना है कि यह माहौल को ख़राब कर रहा है। पहले जहाँ काम और ‘भरोसा’ (Trust) महत्वपूर्ण था, अब वहां घड़ी की सुइयां और ‘निगरानी’ (Surveillance) आ गई हैं। लोगों को लग रहा है कि उनके सिर पर हर वक़्त एक तलवार लटक रही है।नियम, जो सबको परेशान कर रहा हैअमेज़न ने हफ्ते में 5 दिन ऑफिस आने का नियम (Return to Office Mandate) पहले ही बना दिया था। लेकिन अब यह ‘घंटे गिनने वाला’ सिस्टम बताता है कि कंपनी इस मामले में कितनी गंभीर (या सख्त) हो गई है। कर्मचारियों को डर है कि अगर उन्होंने किसी दिन ट्रैफिक या पर्सनल काम की वजह से जल्दी निकलने की कोशिश की, तो यह रिकॉर्ड में ‘रेड मार्क’ बन जाएगा और परफॉरमेंस रिव्यू (Appraisal) के समय भारी पड़ेगा।क्या यह सही तरीका है?जानकारों की मानें तो यह तरीका दोधारी तलवार जैसा है। कंपनी को लगता है कि ऑफिस में लोग एक-दूसरे से मिलेंगे तो क्रिएटिविटी बढ़ेगी। लेकिन दूसरी तरफ, कर्मचारी इसे निजता (Privacy) में दखल और बेमतलब का दबाव मान रहे हैं। एक कर्मचारी ने दबी जुबान में कहा, “हम यहाँ काम करने आते हैं, जेल की सज़ा काटने नहीं जहाँ हाजिरी और समय का इतना पहरा हो।”अब देखना यह होगा कि बाकी टेक कंपनियां अमेज़न के इस रास्ते पर चलती हैं या अपने कर्मचारियों को थोड़ी ढील देती हैं। फिलहाल तो अमेज़न के ऑफिस में ‘बिग बॉस’ वाला माहौल बना हुआ है!

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