विदेश

ईरान के केशम द्वीप पर अमेरिका का बड़ा मिसाइल हमला, वैश्विक तेल मार्ग पर छिड़ा परस्पर विरोधी दावों का महासंग्राम

मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी भीषण सैन्य संघर्ष एक बार फिर विनाशकारी स्तर पर पहुंच गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका की वायुसेना और नौसेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण केशम द्वीप (Qeshm Island) को निशाना बनाते हुए एक बड़ा हमला बोल दिया है। इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) के बंद होने की खबरें सामने आ रही हैं। ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस जलमार्ग से जहाजों के आवागमन को 'असंभव' घोषित कर दिया है, जबकि अमेरिकी सैन्य कमान ने इस दावे को खारिज करते हुए वैश्विक नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की हुंकार भरी है।

केशम द्वीप पर एक दर्जन मिसाइलें दागीं: अमेरिकी सेंट्रल कमान ने 140 ईरानी ठिकानों को बनाया निशाना

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'इरना' (IRNA) ने द्वीप के स्थानीय गवर्नर के हवाले से पुष्टि की है कि रविवार दोपहर से अब तक अमेरिकी लड़ाकू विमानों द्वारा लगभग एक दर्जन मिसाइलें दागी गई हैं। फारस की खाड़ी के इस सबसे बड़े द्वीप, जहां लगभग 1,50,000 की आबादी निवास करती है, वहां हुए हमलों में एक नागरिक की मौत और दो अन्य के घायल होने की प्रारंभिक सूचना है। अमेरिकी रक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान द्वारा एक वाणिज्यिक पोत (Commercial Vessel) पर किए गए हमले के जवाब में की गई है, जिसके तहत आईआरजीसी (IRGC) की मिसाइल साइट्स, एयर डिफेंस सिस्टम और छोटी स्पीड बोट्स सहित लगभग 140 ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया है।

ईरान का ऐलान—'यातायात फिलहाल असंभव': पीजीएसए ने अमेरिकी गतिविधियों को ठहराया जिम्मेदार

होर्मुज जलडमरूमध्य के नए ट्रैफिक नियमों की निगरानी करने वाले ईरानी प्राधिकरण 'पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' (PGSA) ने वैश्विक जहाजों की आवाजाही पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। पीजीएसए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, "क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बलों की हालिया गैर-कानूनी और आक्रामक गतिविधियों के कारण होर्मुज में जहाजों का सुरक्षित आवागमन फिलहाल संभव नहीं है।" ईरानी अथॉरिटी ने साफ किया है कि जब तक इस समुद्री क्षेत्र में पूर्ण स्थिरता और शांति बहाल नहीं हो जाती, तब तक जहाजों के प्रवेश पर पाबंदी लागू रहेगी।

अमेरिका का पलटवार—'अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पूरी तरह खुला है': सेंटकॉम ने तैनात की नेवी

ईरानी प्रतिबंधों के विपरीत, अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने एक बेहद सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद नहीं किया गया है। सेंटकॉम ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा, "अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से कानूनी रूप से गुजरने वाले सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है। ईरानी आक्रामकता, उत्पीड़न और मनमाने बयानों के बावजूद नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत मुस्तैदी से तैनात हैं।" अमेरिकी नेवी की देख-रेख वाले 'जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर' (JMIC) ने भी ओमान वाले दक्षिणी रास्ते के खुले होने की पुष्टि की है, हालांकि उन्होंने इस रूट पर अत्यधिक जोखिम होने की चेतावनी जारी की है।

मरीन ट्रैफिक के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता: वैश्विक ऊर्जा और शिपिंग बाजारों में हड़कंप

दोनों महाशक्तियों के परस्पर विरोधी दावों के बीच, वास्तविक समय में समुद्री जहाजों की ट्रैकिंग करने वाली अंतरराष्ट्रीय एजेंसी 'मरीन ट्रैफिक' (Marine Traffic) के लाइव सैटेलाइट डेटा ने एक चिंताजनक तस्वीर पेश की है। ईरान के आधिकारिक ऐलान के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले विशालकाय तेल टैंकरों और कार्गो जहाजों की संख्या में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई है। चूंकि दुनिया के कुल कच्चे तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की वैश्विक आपूर्ति का एक-तिहाई हिस्सा इसी सकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है, इसलिए इस ताजा सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग उद्योग और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंकाओं को जन्म दे दिया है।

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