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Char Dham Yatra 2026: चारधाम जाने से पहले अब कराना होगा मेडिकल टेस्ट, उत्तराखंड सरकार ने जारी किया सख्त हेल्थ प्रोटोकॉल

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 को लेकर राज्य सरकार ने इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। हिमालय की अत्यधिक ऊंचाई और वहां ऑक्सीजन की कमी के कारण अक्सर श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। ऐसी अप्रिय घटनाओं और मौतों को रोकने के लिए सरकार ने एक नया ‘हेल्थ प्रोटोकॉल’ लागू कर दिया है। अब यात्रा शुरू करने से पहले मेडिकल जांच कराना अनिवार्य होगा।55+ उम्र और बीमार यात्रियों के लिए फिटनेस रिपोर्ट अनिवार्यप्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। नए नियमों के मुताबिक, यात्रा मार्ग पर कदम रखने से पहले हर यात्री की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। विशेष रूप से 55 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं और जो पहले से दिल की बीमारी, अस्थमा, मधुमेह (Diabetes) या हाई बीपी से जूझ रहे हैं, उनके लिए डॉक्टर से जारी ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ दिखाना अनिवार्य होगा। बिना इसके आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिलेगी।यात्रा मार्ग पर ‘हेल्थ एटीएम’ और हाई-टेक मेडिकल नेटवर्कश्रद्धालुओं को रास्ते में चिकित्सा संबंधी कोई परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने आधुनिक सुविधाएं तैनात की हैं:हेल्थ एटीएम (Health ATM): गुप्तकाशी, फाटा और गौरीकुंड जैसे मुख्य पड़ावों पर ‘हेल्थ एटीएम’ लगाए गए हैं। यहाँ यात्री अपना ब्लड प्रेशर, शुगर और ऑक्सीजन लेवल बिल्कुल मुफ्त चेक कर सकेंगे।मेडिकल पोस्ट: पूरे यात्रा रूट पर 31 हेल्थ स्क्रीनिंग सेंटर और 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (MRP) स्थापित किए गए हैं।डॉक्टरों की फौज: श्रद्धालुओं की मदद के लिए 1,350 से अधिक डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मुस्तैद रहेंगे। आपात स्थिति के लिए AIIMS ऋषिकेश की हेली-एम्बुलेंस को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है।’ई-हेल्थ धाम’ पोर्टल: डिजिटल निगरानी से मिलेगी मददइस बार यात्रा को डिजिटल रूप से भी सुरक्षित बनाया गया है। सरकार ने ‘e-health dham’ पोर्टल लॉन्च किया है। यात्रियों को अपनी मेडिकल हिस्ट्री और वर्तमान स्वास्थ्य की जानकारी इस पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इससे फायदा यह होगा कि यदि किसी यात्री की तबीयत बिगड़ती है, तो प्रशासन के पास पहले से उसकी मेडिकल जानकारी होगी और सही इलाज तुरंत मिल सकेगा।एडवाइजरी: सीधे पहाड़ों पर न चढ़ें, शरीर को दें समयस्वास्थ्य विभाग ने यात्रियों के लिए विशेष सलाह जारी की है। यात्रियों को सुझाव दिया गया है कि वे हरिद्वार या ऋषिकेश पहुँचने के बाद कम से कम 24 से 48 घंटे वहां रुकें ताकि उनका शरीर ऊँचाई वाले वातावरण के अनुकूल (Acclimatization) हो सके। इसके अलावा, यात्रा शुरू करने से एक महीना पहले योग, प्राणायाम और पैदल चलने का अभ्यास शुरू करने को कहा गया है।यात्रा का शेड्यूल: कब खुलेंगे किस धाम के कपाट?साल 2026 की चारधाम यात्रा का आगाज 19 अप्रैल से हो रहा है। मंदिरों के कपाट खुलने की तिथियां इस प्रकार हैं:यमुनोत्री और गंगोत्री: 19 अप्रैल 2026केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल 2026बद्रीनाथ धाम: 23 अप्रैल 2026श्रद्धालु अपना पंजीकरण आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर 1364 के माध्यम से करवा सकते हैं। बिना पंजीकरण और स्वास्थ्य मानकों को पूरा किए बिना यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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