EPFO 3.0 में मिलेगी नई फ्लेक्सिबल पेंशन की सौगात, गिग वर्कर्स और फ्रीलांसर्स को भी तगड़ा फायदा

देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े गिग वर्कर्स (Gig Workers) के लिए रिटायरमेंट के बाद की सामाजिक सुरक्षा को लेकर एक बेहद बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के आगामी चरण यानी EPFO 3.0 के तहत एक बेहद आधुनिक, लचीली और योगदान आधारित (Contributory) नई पेंशन योजना पर तेजी से काम कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नई प्रस्तावित पेंशन स्कीम मौजूदा ईपीएस (Employees' Pension Scheme) की तुलना में कहीं अधिक व्यापक और पारदर्शी होगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह केवल पारंपरिक संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके दायरे में डिलीवरी पार्टनर्स, कैब ड्राइवर्स, फ्रीलांसर्स और अधिक वेतन पाने वाले उन उच्च आय वर्ग के कर्मचारियों को भी शामिल किया जाएगा जो वर्तमान में ईपीएस के नियमों से बाहर हैं।
कर्मचारी के नाम से खुलेगा बिल्कुल अलग पेंशन अकाउंट: निवेश पर हर साल जुड़ेगा सुरक्षित ब्याज
इस नई योजना के ढाँचे को लेकर जो जानकारियां सामने आई हैं, उसके मुताबिक यह पूरी तरह से निर्धारित योगदान मॉडल (Defined Contribution Model) पर आधारित होगी। इसके तहत प्रत्येक पात्र कर्मचारी के नाम से एक बिल्कुल अलग और समर्पित पेंशन खाता खोला जाएगा। इस खाते में समय-समय पर जमा होने वाली राशि को पूरी तरह से सुरक्षित और सरकार समर्थित निवेश विकल्पों में लगाया जाएगा, ताकि बाजार के जोखिमों से फंड सुरक्षित रहे। इस सुरक्षित निवेश पर मिलने वाले ब्याज को हर साल कर्मचारी के खाते में जोड़ दिया जाएगा। जब भी कोई सदस्य अपनी उम्र के 60 साल पूरे कर लेगा, तो उसके खाते में जमा हुई कुल संचित राशि के आधार पर उसे एक निश्चित और नियमित मासिक पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी। इससे कर्मचारियों को अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग को खुद मैनेज करने का बेहतर मौका मिलेगा।
क्या है यह नया TRS कॉन्सेप्ट: खुद तय करिए कि रिटायरमेंट पर कितनी पेंशन चाहिए
EPFO 3.0 के इस नए प्रस्ताव की सबसे क्रांतिकारी और आकर्षित करने वाली विशेषता इसका टीआरएस यानी 'टार्गेट रिटायरमेंट सम' (Target Retirement Sum) का कॉन्सेप्ट है। इस अनूठी प्रणाली के अंतर्गत कोई भी कर्मचारी नौकरी के दौरान ही यह पहले से निर्धारित कर सकेगा कि उसे 60 वर्ष की आयु के बाद हर महीने कितनी पेंशन राशि की आवश्यकता है। कर्मचारी द्वारा तय किए गए इसी वित्तीय लक्ष्य के आधार पर ईपीएफओ का सिस्टम खुद-ब-खुद यह कैलकुलेट करके बता देगा कि उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हर महीने या सालाना कितना अंशदान (Contribution) करना होगा। इसके अलावा, सदस्यों को एक हाई-टेक डिजिटल डैशबोर्ड की सुविधा भी मिलेगी, जहां वे अपने लाइव योगदान, कुल जमा राशि और रिटायरमेंट लक्ष्य की वास्तविक प्रगति को रियल टाइम में ट्रैक कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर अपने लक्ष्य को अपडेट भी कर सकेंगे।
एक ही UAN से जुड़ेंगे कई एम्प्लॉयर: एग्रीगेटर कंपनियां और सरकार भी करेंगी मदद
इस नई व्यवस्था की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसमें केवल कर्मचारी और उसका मुख्य नियोक्ता ही पैसे जमा नहीं करेंगे। कम आय वाले और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इसमें सरकार, गिग इकोनॉमी की एग्रीगेटर कंपनियां, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड और गैर-सरकारी संगठन (NGO) भी अपनी तरफ से आर्थिक योगदान दे सकेंगे। इसके साथ ही, ईपीएफओ एक ऐसी एडवांस सेंट्रलाइज्ड व्यवस्था पर काम कर रहा है जिसमें एक ही यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को एक साथ कई नियोक्ताओं या अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म से लिंक किया जा सकेगा। इसका सीधा फायदा उन युवाओं और फ्रीलांसर्स को होगा जो एक ही समय में कई कंपनियों या ऐप्स के लिए काम करते हैं, क्योंकि उनकी सभी पीएफ और पेंशन राशि एक ही जगह सुरक्षित दिखेगी।
एनपीएस (NPS) से कितनी अलग होगी यह योजना: 55 की उम्र के बाद मिलेंगे शानदार विकल्प
यह नई प्रस्तावित योजना वर्तमान में चल रही नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से भी काफी अलग और अधिक फ्लेक्सिबल होने की उम्मीद है। जहां एनपीएस में रिटायरमेंट के समय एक बड़ी राशि को अनिवार्य रूप से एन्युटी में बदलना पड़ता है, वहीं ईपीएफओ की इस योजना में 55 वर्ष की आयु पार करने के बाद सदस्यों को यह चुनने का पूरा अधिकार मिलेगा कि वे अपने फंड का इस्तेमाल कैसे करना चाहते हैं। कर्मचारी चाहें तो अपनी मूल राशि को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए केवल उसके ब्याज को हर महीने पेंशन के रूप में ले सकते हैं। यदि उन्हें अधिक पैसों की जरूरत है, तो वे मूल राशि का कुछ हिस्सा निकालने का विकल्प भी चुन सकते हैं। इसके अलावा, सरकार परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसमें पति-पत्नी, बच्चों और अनाथ आश्रितों के लिए भी फैमिली व सर्वाइवर पेंशन की मजबूत व्यवस्था शामिल करने पर विचार कर रही है। हालांकि, यह पूरी योजना अभी सरकारी स्तर पर विचाराधीन है और इसके लागू होने की आधिकारिक तारीख की घोषणा होना अभी बाकी है।