Indian Railways : अब स्टेशन पर गंदगी फैलाई तो हाथ में थामनी होगी झाड़ू जेल नहीं, सफाई कर चुकानी होगी सजा

News India Live, Digital Desk : अगर आप भी ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर मूंगफली के छिलके या खाली बोतलें यहाँ-वहाँ फेंक देते हैं, तो सावधान हो जाइए। भारतीय रेलवे ने अपने नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए ‘जन विश्वास 2.0 संशोधन विधेयक 2026’ को प्रभावी कर दिया है। 8 अप्रैल 2026 को गजट जारी होने के साथ ही ये नियम लागू हो गए हैं। अब छोटे-मोटे तकनीकी अपराधों और गंदगी फैलाने पर जेल भेजने के बजाय ‘व्यवहार सुधार’ (Behavioral Change) पर जोर दिया जा रहा है।1. जेल की जगह ‘कम्युनिटी सर्विस’नए नियमों के तहत अब स्टेशन परिसर में गंदगी फैलाने, हंगामा करने या अव्यवस्था पैदा करने पर दोषी को सामुदायिक सेवा (Community Service) की सजा दी जा सकती है। इसका मतलब है कि आरोपी को सजा के तौर पर स्टेशन पर सफाई करनी पड़ सकती है या अन्य सामाजिक कार्यों में हाथ बंटाना होगा। इसका मुख्य उद्देश्य जेलों का बोझ कम करना और यात्रियों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना है।2. भारी भरकम जुर्माना (Fines Increased)सफाई के साथ-साथ आर्थिक दंड को भी कड़ा कर दिया गया है:अवैध वेंडिंग: बिना अनुमति सामान बेचने पर अब ₹2,000 का जुर्माना लगेगा। यदि दोबारा पकड़े गए, तो यह राशि बढ़कर ₹5,000 हो जाएगी।अन्य अपराध: रेलवे लाइन पार करना, महिलाओं के डिब्बे में प्रवेश करना या नशे की हालत में पाए जाने पर भी जुर्माने की राशि पहले से काफी बढ़ा दी गई है।3. ‘एक देश, एक तकिया’ नीतियात्रियों की सुविधा के लिए केवल दंड ही नहीं, बल्कि सेवाओं में भी सुधार किया गया है। रेलवे बोर्ड ने अब पूरे देश में एसी कोच में मिलने वाले बेडरोल (तकिया) की गुणवत्ता को एक समान करने का फैसला किया है। अब सभी जोनल रेलवे ‘भारतीय मानक ब्यूरो’ (BIS) के नए मानक (IS 18930:2024) के अनुसार ही तकियों की खरीदारी करेंगे, जिससे यात्रियों को एक जैसा और बेहतर अनुभव मिलेगा।4. 24 घंटे सफाई का ‘वॉर रूम’रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा घोषित ’52 हफ्तों में 52 सुधार’ योजना के तहत, अब ट्रेनों (खासकर जनरल कोच) में सतत सफाई (Continuous Cleaning) मॉडल लागू किया गया है।एआई (AI) आधारित कैमरों के जरिए सफाई की निगरानी की जाएगी।सफाई गतिविधियों की तस्वीरें सीधे ‘वॉर रूम कंट्रोल सेंटर’ को भेजी जाएंगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि काम ठीक से हुआ है या नहीं।