Indigo संकट: सरकार हुई सख्त, CEO की कुर्सी खतरे में! एयरपोर्ट्स पर अब खुद उतरेंगे बड़े अधिकारी

पिछले कुछ दिनों से अगर आपकी भी इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल हुई है या घंटों लेट हुई है,तो आप अकेले नहीं हैं। इंडिगो एयरलाइंस के ऑपरेशन में आई भारी गड़बड़ी के कारण देशभर में मचे हाहाकार के बाद अब सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA)औरDGCA 3दिसंबर से ही लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अब इस मामले में एयरलाइन के टॉप मैनेजमेंट पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।सरकार का एक्शन मोड: अब एयरपोर्ट पर खुद जायजा लेंगे बड़े अधिकारीयात्रियों को हो रही भारी असुविधा को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने अब जमीनी स्तर पर हालात का जायजा लेने का फैसला किया है।मंत्रालय के सभी वरिष्ठ अधिकारियोंको देशभर के हवाई अड्डों का दौरा करने का निर्देश दिया गया है।ये अधिकारी खुद एयरलाइन के ऑपरेशन और यात्री सेवाओं को वेरिफाई करेंगे।यात्रियों से मिले फीडबैक के आधार पर मिली किसी भी कमी को तुरंत दूर करने का आदेश दिया गया है।केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने संसद में भी यह साफ कर दिया है कि यह समस्याएयरलाइन के अपने क्रू मैनेजमेंट और प्लानिंग की गलतीकी वजह से हुई है,न कि किसी तकनीकी खराबी के कारण। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।क्यों खतरे में हैCEOकी कुर्सी?इस पूरे संकट के लिए सीधे तौर पर इंडिगो के टॉप मैनेजमेंट को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।6दिसंबर कोDGCAने इंडिगो केCEOपीटर एल्बर्सऔरCOOइसिड्रो पोरकेरासको’कारण बताओ नोटिस’जारी किया था।नोटिस में पूछा गया है कि ऑपरेशनल प्लानिंग में इतनी बड़ी चूक के लिए उन पर कार्रवाई क्यों न की जाए।इस संकट के चलते5दिसंबर को लगभग1,600उड़ानें रद्दहुई थीं।नवंबर में इंडिगो काऑन-टाइम प्रदर्शन (OTP)अक्टूबर के 84%से गिरकर सिर्फ68%रह गया था,जो कि एक बहुत बड़ी गिरावट है।एनालिस्ट्स का मानना है कि यह नोटिस इंडिगो के वरिष्ठ नेतृत्व की कुर्सी पर भी असर डाल सकता है।अब सुधार का दावा कर रही है एयरलाइनसरकारी दबाव के बीच,इंडिगो ने सोमवार (8दिसंबर) को अपने ऑपरेशन में बड़े सुधार का दावा किया है।एयरलाइन का कहना है कि8दिसंबर को उसने1,800से ज्यादा उड़ानेंऑपरेट कीं,जबकि7दिसंबर को यह आंकड़ा1,650था।इंडिगो ने यह भी दावा किया है कि उसकाऑन-टाइम प्रदर्शन सुधरकर90%हो गया है।कंपनी का कहना है कि अब फ्लाइट कैंसिल होने की संख्या कम हो गई है और यात्रियों को इसकी सूचना पहले से दी जा रही है।एक तरफ सरकार का बढ़ता दबाव है,तो दूसरी तरफ इंडिगो सुधार के दावे कर रही है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि यात्रियों की सुविधा से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और एयरलाइंस को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।