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LPG Cylinder New Rules: 1 जून से बदल गए रसोई गैस के नियम! इन 5 गलतियों पर हमेशा के लिए बंद हो जाएगा आपका चालू कनेक्शन, बुकिंग की अफवाहों का भी आया सच

नई दिल्ली, बिजनेस ब्यूरो। अगर आपके घर में भी इंडेन (Indane), एचपी (HP) या भारत गैस (Bharat Gas) का रसोई गैस सिलेंडर आता है, तो आज 1 जून 2026 से लागू हुए नए नियम आपके लिए जानना बेहद जरूरी है। देश में एलपीजी (LPG) गैस कनेक्शन और उसकी डिलीवरी को लेकर सरकार ने कुछ कड़े और बड़े बदलाव किए हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर सिलेंडर बुकिंग के दिनों के अंतर को लेकर कई तरह की अफवाहें और भ्रामक खबरें फैलाई जा रही थीं, जिन पर अब सरकार ने स्थिति साफ करते हुए असली नियमों की गाइडलाइन जारी कर दी है। आइए जानते हैं कि कौन-से नियम बदले हैं और किन लापरवाहियों के चलते आपका चालू गैस कनेक्शन हमेशा के लिए ब्लॉक हो सकता है। री-बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव नहीं, सोशल मीडिया की अफवाहों पर न दें ध्यान सबसे पहले देश के करोड़ों एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सोशल मीडिया पर चल रही एक बड़ी अफवाह का सच जानना जरूरी है। इंटरनेट पर कई जगह यह झूठा दावा किया जा रहा था कि सरकार दो सिलेंडरों के बीच बुकिंग के दिनों के गैप (जैसे 25 या 35 दिन का अंतर) को बदलने जा रही है। इस पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने पूरी तरह स्थिति साफ कर दी है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रिफिलिंग और री-बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ग्रामीण (गांव) क्षेत्रों में दो सिलेंडरों के बीच री-बुकिंग के लिए 25 दिनों का नियम पहले की तरह ही लागू रहेगा। वहीं, शहरी इलाकों के लिए तय 45 दिनों का पुराना नियम ही आगे चलता रहेगा। इसलिए किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। PNG इलाका होने पर कट जाएगा चालू एलपीजी कनेक्शन, समयसीमा हुई खत्म अगर आप ऐसे इलाके में रहते हैं जहां पाइप वाली रसोई गैस (PNG) की सुविधा सरकार द्वारा उपलब्ध करा दी गई है और आप अभी भी सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपके लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है। सरकार द्वारा मार्च में जारी किए गए आदेश के मुताबिक, पीएनजी सुविधा वाले क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को 3 महीने के भीतर पाइप गैस पर शिफ्ट होना अनिवार्य था, जिसकी समयसीमा इस जून महीने में समाप्त हो रही है। अगर तय समय में आप पीएनजी पर शिफ्ट नहीं हुए, तो आपका पुराना एलपीजी सिलेंडर कनेक्शन अपने आप ब्लॉक या स्थायी रूप से काट दिया जाएगा। 'एक घर, एक गैस कनेक्शन' नीति पर सख्ती, कालाबाजारी पर कसेगा शिकंजा सरकारी तेल कंपनियां अब देश भर में 'एक घर, एक गैस' (One Household, One Connection) के नियम को पूरी सख्ती के साथ जमीन पर उतार रही हैं। कंपनियों ने देश भर में डेटाबेस के जरिए ऐसे ग्राहकों की पहचान करना शुरू कर दिया है जो एक ही घर में एलपीजी सिलेंडर का मजा भी ले रहे हैं और पाइप वाली पीएनजी गैस का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे डबल कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को कंपनियों की तरफ से आधिकारिक मैसेज भेजे जा रहे हैं, जिसमें उन्हें अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन तुरंत सरेंडर (वापस) करने को कहा जा रहा है ताकि देश में गैस की कालाबाजारी को पूरी तरह रोका जा सके। पीएनजी ग्राहकों के लिए नए कनेक्शन और सिलेंडर रिफिल पर लगी पूरी रोक गैस आपूर्ति को सुचारू बनाने और देश में एलपीजी की किल्लत को दूर करने के लिए नया नियम बेहद कड़ा किया गया है। नए नियमों के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं के पास पहले से ही सक्रिय पीएनजी (PNG) का कनेक्शन मौजूद है, वे अब देश की किसी भी सरकारी या निजी तेल कंपनी से नया एलपीजी सिलेंडर कनेक्शन नहीं ले पाएंगे। इसके साथ ही, ऐसे दोहरे लाभ लेने वाले ग्राहकों को अब से सिलेंडर रिफिल (दोबारा सिलेंडर भरवाने) कराने की सुविधा भी नहीं मिलेगी। राहत की बात: पीएनजी चालू होने के बाद सरेंडर के लिए मिलेंगे पूरे 30 दिन नियमों को सख्त करने के साथ-साथ सरकार ने आम जनता की सहूलियत के लिए एक व्यावहारिक राहत भी दी है। नए संशोधन के मुताबिक, जैसे ही आपके घर में पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) का मीटर और सप्लाई चालू होगी, आपको अपना पुराना एलपीजी सिलेंडर कनेक्शन बंद कराने और उसे सरेंडर करने के लिए पूरे 30 दिनों की मोहलत दी जाएगी। अच्छी बात यह है कि अगर भविष्य में आप कभी अपना घर बदलते हैं या आपको जरूरत पड़ती है, तो आप इसी एलपीजी कनेक्शन को दोबारा री-एक्टिवेट (चालू) भी करवा सकेंगे। बिना OTP नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर, डिजिटल और ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा गैस चोरी और डिलीवरी के खेल को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने अब ओटीपी (OTP) आधारित डिलीवरी व्यवस्था को पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया है। आज से जब भी एलपीजी डिलीवरी बॉय आपके घर पर सिलेंडर लेकर आएगा, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक सुरक्षा कोड (OTP) भेजा जाएगा। डिलीवरी बॉय को वह कोड दिखाने और सिस्टम में दर्ज करने के बाद ही सिलेंडर आपको सौंपा जाएगा। इसके साथ ही, उपभोक्ताओं को लंबी लाइनों और दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाने के लिए सरकार अब विभिन्न ऐप्स और आधिकारिक वेबसाइटों के जरिए डिजिटल और ऑनलाइन बुकिंग को अनिवार्य रूप से बढ़ावा दे रही है।

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