Pakistan Fuel Relief Scheme: पाकिस्तान में पेट्रोल के दोहरे दाम! बाइक और ऑटो वालों को 100 रुपये सस्ता मिलेगा तेल, शहबाज सरकार के नए फॉर्मूले

आर्थिक कंगाली, रिकॉर्डतोड़ महंगाई और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के कड़े अनुशासन से जूझ रहे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में अब पेट्रोल दो अलग-अलग भावों पर बिकने जा रहा है। पाकिस्तान में पेट्रोल की रिटेल कीमतें 370 रुपये प्रति लीटर के ऐतिहासिक स्तर को पार कर चुकी हैं, जिसने मध्यम वर्ग और दिहाड़ी मजदूरों की कमर तोड़ दी है। जनता के बढ़ते आक्रोश और सामाजिक असंतोष को थामने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक नई लक्षित सब्सिडी योजना यानी 'प्राइम मिनिस्टर फ्यूल रिलीफ स्कीम' (PM Fuel Relief Scheme) का औपचारिक ऐलान किया है। इस ऐतिहासिक फैसले के तहत देश के गरीब तबके, कामकाजी वर्ग, डिलीवरी ब्वॉयज, छात्र और छोटे वाहन चालकों को पेट्रोल पर सीधे 100 रुपये प्रति लीटर की बड़ी छूट दी जाएगी। इस्लामाबाद में संघीय सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार, आईटी व दूरसंचार राज्य मंत्री शाजा फातिमा ख्वाजा और वित्त व पेट्रोलियम राज्य मंत्री अली परवेज मलिक ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर इस बहुप्रतीक्षित स्कीम के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं को सार्वजनिक किया। सरकार ने दो-टूक कहा है कि देश में पहली बार डिजिटल तकनीक के जरिए अमीरों और गरीबों के लिए पेट्रोल के अलग-अलग दाम तय किए जा रहे हैं।
किसे और कितना मिलेगा फायदा: बाइक, ऑटो और 800cc तक की गाड़ियों का कोटा
शहबाज शरीफ सरकार की इस रियायती फ्यूल नीति का लाभ अंधाधुंध हर किसी को नहीं मिलेगा, बल्कि इसके लिए सख्त श्रेणीकरण और मासिक सीमा (Quota) निर्धारित की गई है। सरकार ने बड़ी एसयूवी, लग्जरी सेडान और व्यावसायिक फ्लीट मालिकों को इस सब्सिडी से पूरी तरह बाहर रखा है। योजना के ड्राफ्ट के अनुसार, मोटरसाइकिल चालकों, तिपहिया ऑटो रिक्शा और चिंगची (Qingqi) चालकों को हर महीने अधिकतम 20 लीटर पेट्रोल पर 100 रुपये प्रति लीटर की सीधी छूट दी जाएगी। इसका अर्थ यह हुआ कि एक सामान्य बाइक सवार को प्रति माह अधिकतम 2,000 रुपये की सीधी वित्तीय बचत होगी। वहीं दूसरी ओर, लोअर-मिडिल क्लास परिवारों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली 800 सीसी (800cc) तक की इंजन क्षमता वाली छोटी कारों, जैसे सुजुकी मेहरान, ऑल्टो या बोलान के मालिकों को राहत देने के लिए 30 लीटर प्रति माह का कोटा तय किया गया है। 800cc कार चालकों को हर महीने अधिकतम 3,000 रुपये तक की बचत मिलेगी। तय मासिक सीमा समाप्त होते ही संबंधित वाहन चालक को सामान्य बाजार भाव पर ही ईंधन खरीदना होगा।
कैसे होगी गरीब और हकदार की पहचान: SMS और NADRA-PTA डेटाबेस का नया फॉर्मूला
इस योजना की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि बिचौलियों, कालाबाजारी और फर्जीवाड़े को रोके बिना वास्तविक जरूरतमंदों की पहचान कैसे की जाए। पिछली सरकारों में दी जाने वाली सार्वभौमिक सब्सिडी (Universal Subsidy) का अधिकांश लाभ अमीर वर्ग उठा ले जाता था। इस बार शहबाज शरीफ सरकार ने 'फिंगरप्रिंट ऑफ डिजिटल डेटा' का इस्तेमाल किया है। आईटी राज्य मंत्री शाजा फातिमा के अनुसार, पहचान की पूरी प्रक्रिया को नागरिक के राष्ट्रीय पहचान पत्र (CNIC), पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (PTA) के सिम वेरिफिकेशन डेटा और प्रांतीय आबकारी एवं कराधान विभाग (Excise and Taxation Department) के वाहन डेटाबेस से रियल-टाइम में जोड़ा गया है। सबसे बुनियादी शर्त यह रखी गई है कि जिस नागरिक के नाम पर सीएनआईसी दर्ज है, मोबाइल सिम भी अनिवार्य रूप से उसी के नाम पर जारी होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य के नाम से रजिस्टर्ड सिम से आवेदन करेगा, तो टेलीकॉम डेटाबेस उसका अनुरोध तुरंत निरस्त कर देगा। इसके साथ ही यह भी अनिवार्य किया गया है कि संबंधित दोपहिया या छोटी कार आबकारी विभाग के रिकॉर्ड में आवेदक के नाम पर ही पंजीकृत होनी चाहिए। एक व्यक्ति केवल एक ही वाहन पर इस सब्सिडी का लाभ ले सकता है।
9771 पर SMS और डिजिटल टोकन: पंप पर सस्ता तेल पाने की पूरी प्रक्रिया
नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने या लंबी कतारों में लगने से बचाने के लिए पूरी प्रक्रिया को एसएमएस-आधारित (SMS-based) रखा गया है ताकि बिना इंटरनेट वाले फीचर फोन उपयोगकर्ता भी इसका फायदा उठा सकें। सबसे पहले नागरिक को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से एक निर्धारित फॉर्मेट में 9771 शॉर्ट-कोड पर मैसेज भेजना होगा। मैसेज बॉक्स में 'REG' लिखकर स्पेस देना होगा, फिर अपना 13 अंकों का सीएनआईसी नंबर बिना किसी डैश के, फिर स्पेस देकर वाहन का नंबर, प्रांतीय कोड (जैसे पंजाब के लिए PB, सिंध के लिए SD, इस्लामाबाद के लिए ICT) और वाहन रजिस्ट्रेशन की तारीख दर्ज करनी होगी। यह जानकारी भेजते ही सिस्टम चंद सेकंडों में सभी सरकारी डेटाबेस से मिलान कर रजिस्ट्रेशन की पुष्टि का संदेश भेज देगा। जब भी लाभार्थी को पेट्रोल पंप पर जाना होगा, वह अपने फोन से 9771 पर 'TOK' लिखकर भेजेगा। बदले में उसे एक गोपनीय डिजिटल टोकन कोड प्राप्त होगा। पेट्रोल पंप पर तैनात कर्मचारी को यह टोकन दिखाते ही सिस्टम वेरीफाई करेगा कि उस महीने का कितना कोटा बाकी है। बाइक चालकों को एक बार में 5 लीटर का टोकन मिलेगा, जिससे उन्हें 500 रुपये की सीधी छूट मिलेगी, जबकि कार चालकों के लिए 10 लीटर का टोकन मान्य होगा।
पायलट प्रोजेक्ट से देशव्यापी विस्तार: इस्लामाबाद से कराची-लाहौर तक का रोडमैप
सरकार ने इस जटिल और संवेदनशील व्यवस्था को एक साथ पूरे देश में थोपने के बजाय चरणबद्ध तरीके से लागू करने की रणनीति बनाई है। संघीय पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने स्पष्ट किया कि पहले चरण में इसे इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र के लगभग 150 प्रमुख पेट्रोल पंपों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है। इस्लामाबाद में सिस्टम के सर्वर लोड, पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीनों और पंप कर्मचारियों के फीडबैक का परीक्षण करने के बाद, इसे अगले 24 से 48 घंटों के भीतर पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान के साथ-साथ पीओके (तथाकथित आज़ाद कश्मीर) और गिलगित-बाल्टिस्तान में भी पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। सभी प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs), विशेषकर पाकिस्तान स्टेट ऑयल (PSO), शेल और टोटल पारको को अपने सॉफ्टवेयर को सरकारी सेंट्रल सर्वर से सिंक करने का आदेश दिया गया है। पेट्रोल पंप डीलरों को भुगतान में कोई देरी न हो, इसके लिए स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) और वित्त मंत्रालय ने एक एस्क्रो फंड स्थापित किया है, जहां से रियायती 100 रुपये प्रति लीटर का भुगतान डीलरों के खातों में उसी दिन ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
आईएमएफ की सख्त शर्तें और खजाने पर सब्सिडी का बोझ
शहबाज शरीफ का यह कदम आर्थिक जानकारों को हैरान भी कर रहा है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) हमेशा से ऊर्जा क्षेत्र में किसी भी तरह की अनफंडेड सब्सिडी का सख्त विरोध करता रहा है। पाकिस्तान इस समय आईएमएफ के 7 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की कठिन शर्तों से बंधा हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहा था कि सरकार इस 100 रुपये की छूट का वित्तीय बोझ कहां से उठाएगी? वित्त मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि सरकार इसके लिए अपने बजट घाटे को नहीं बढ़ाएगी, बल्कि इसे 'क्रॉस-सब्सिडी' और पेट्रोलियम लेवी के पुनर्गठन से संतुलित किया जाएगा। यानी बड़ी और लग्जरी गाड़ियों पर अतिरिक्त सेस और लेवी लगाई जाएगी, जिससे मिलने वाले राजस्व को छोटे वाहन चालकों की सब्सिडी में खपाया जाएगा। पाकिस्तान अपनी जरूरत का 90 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और लाल सागर संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दाम चढ़ रहे हैं, जिससे पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दबाव में है। सरकार का तर्क है कि टैक्स घटाने से सरकारी खजाना पूरी तरह खाली हो जाता, इसलिए केवल लक्षित 100 रुपये की डायरेक्ट सब्सिडी देकर आम आदमी को राहत देने का यह इकलौता व्यावहारिक रास्ता बचा था।
फर्जीवाड़े और साइबर ठगों को लेकर सरकार का हाई-अलर्ट
योजना की घोषणा होते ही डिजिटल सुरक्षा को लेकर भी सरकारी महकमे सक्रिय हो गए हैं। आईटी मंत्रालय ने जनता को आगाह किया है कि इस तरह की योजनाओं की आड़ में साइबर अपराधी और फर्जी गिरोह सक्रिय हो जाते हैं। नागरिकों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि सरकारी स्तर पर किसी भी यूजर से फोन कॉल, व्हाट्सएप मैसेज या अनजान लिंक पर क्लिक करवाकर ओटीपी, बैंक अकाउंट पिन या टोकन नंबर नहीं मांगा जाएगा। रजिस्ट्रेशन केवल और केवल 9771 नंबर पर साधारण टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से ही संभव है। किसी भी अनाधिकृत ऐप को डाउनलोड न करने और फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट्स से सावधान रहने की अपील की गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई डीलर या उपभोक्ता पेट्रोल की री-सेलिंग (कालाबाजारी) करते हुए पाया गया, तो उसका सीएनआईसी हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा और वाहन पंजीकरण निरस्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।