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Share Market Outlook: TCS रिजल्ट और क्रूड ऑयल समेत इस हफ्ते बाजार को हिलाएंगे ये 5 बड़े ट्रिगर

भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) पिछले कुछ सत्रों से लगातार बढ़त के साथ नए रिकॉर्ड स्तर की तरफ कदम बढ़ा रहा है। निफ्टी (Nifty 50) और सेंसेक्स (Sensex) के निवेशकों के लिए यह हफ्ता बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि बाजार की दिशा तय करने वाले कई बड़े इवेंट्स एक साथ सामने आने वाले हैं। घरेलू मोर्चे पर जहां पहली तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों का आगाज हो रहा है, वहीं वैश्विक बाजार से आने वाले आर्थिक आंकड़े और भू-राजनीतिक परिस्थितियां दलाल स्ट्रीट की चाल तय करेंगी।

कॉर्पोरेट अर्निंग सीजन की शुरुआत, TCS के नतीजों पर रहेगी पैनी नजर

इस हफ्ते शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा घरेलू ट्रिगर आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के पहली तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय परिणाम होंगे। कंपनी 9 जुलाई को अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करने जा रही है। बाजार के एक्सपर्ट्स का मानना है कि टीसीएस के नतीजे न केवल आईटी इंडेक्स की दिशा तय करेंगे, बल्कि इससे पूरे बाजार का सेंटिमेंट भी प्रभावित होगा। निवेशक विशेष रूप से मैनेजमेंट की ओर से आने वाली डिमांड कमेंट्री, डील विन्स और एआई (AI) को लेकर भविष्य की योजनाओं पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही कंपनी अंतरिम डिविडेंड पर भी विचार कर सकती है।

क्रूड ऑयल की चाल और मानसून की प्रगति का दिखेगा असर

कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आने वाला उतार-चढ़ाव भारतीय बाजारों के लिए हमेशा से एक बड़ा फैक्टर रहा है। वर्तमान में ब्रेंट क्रूड की कीमतें स्थिरता के दौर से गुजर रही हैं, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत के बीच तेल की सप्लाई पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है। अगर कच्चे तेल के दाम सीमित दायरे में रहते हैं, तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए राहत की बात होगी। इसके अलावा, देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति और खरीफ फसलों की बुवाई के आंकड़े भी ग्रामीण मांग और महंगाई के अनुमानों को प्रभावित करेंगे, जिससे बाजार को नई दिशा मिलेगी।

फेड मिनट्स और ग्लोबल संकेतों से तय होगी विदेशी निवेशकों की रणनीति

ग्लोबल मार्केट (Global Market Cues) के लिहाज से अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) की पिछली नीतिगत बैठक के मिनट्स इस हफ्ते जारी होने वाले हैं। इससे यह साफ होगा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती को लेकर क्या रुख अपनाने वाला है। पिछले दिनों आए अमेरिकी लेबर मार्केट के कमजोर आंकड़ों के बाद निवेशकों को उम्मीद है कि फेड का रुख नरम रह सकता है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का रुख भी काफी मायने रखेगा, जो हाल के दिनों में भारतीय कैश मार्केट में फिर से खरीदारी की ओर लौटते दिखे हैं।

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