उत्तर प्रदेश

UP SIR Final List 2026: यूपी में वोटर क्रांति, 84 लाख नए मतदाताओं का नाम जुड़ने से बना देश का सबसे बड़ा रिकॉर्ड

News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के बाद आए आंकड़े बताते हैं कि यूपी ने मतदाता पंजीकरण के मामले में देशभर में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ड्राफ्ट लिस्ट और फाइनल लिस्ट के बीच प्रदेश में 84.28 लाख से अधिक नए मतदाता जुड़े हैं। हालांकि, जहाँ एक ओर नए नामों की बाढ़ आई है, वहीं लखनऊ, मेरठ और गाजियाबाद जैसे महानगरों में फर्जी व डुप्लीकेट नामों पर आयोग की कैंची भी जमकर चली है।मतदाता सूची 2026: एक नज़र में बड़े आंकड़ेकुल मतदाता: 13,39,84,792 (लगभग 13.40 करोड़)कुल वृद्धि (Draft vs Final): 84,28,767 नए नामपुरुष मतदाता: 7.30 करोड़ (वृद्धि: 42.27 लाख)महिला मतदाता: 6.09 करोड़ (वृद्धि: 42.00 लाख)थर्ड जेंडर: 4,206 (वृद्धि: 87)जेंडर रेशियो (Gender Ratio): 824 से बढ़कर 834 हुआ (10 अंकों का सुधार)इन 5 जिलों में मची ‘होड़’, सबसे ज्यादा बढ़े मतदाताप्रदेश के विकास और शहरीकरण के साथ-साथ इन जिलों में मतदाता जागरूकता का असर सबसे ज्यादा देखा गया:प्रयागराज: 3,29,421 (सर्वाधिक वृद्धि)लखनऊ: 2,85,961बरेली: 2,57,000+गाजियाबाद: 2,43,666जौनपुर: 2,37,590विधानसभा स्तर पर रिकॉर्ड: गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट पर अकेले 82,898 मतदाता बढ़े हैं, जो कि एक रिकॉर्ड है। इसके बाद जौनपुर और लखनऊ पश्चिम की सीटों का नंबर आता है।युवाओं का दबदबा: 14 लाख ‘फर्स्ट टाइम’ वोटर्सइस बार की सूची की सबसे बड़ी ताकत युवा मतदाता हैं। 18-19 आयु वर्ग में कुल 17.63 लाख मतदाता दर्ज किए गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले इस श्रेणी में 14.29 लाख नए युवाओं के नाम जोड़े गए हैं, जो प्रदेश की राजनीति की नई दिशा तय करेंगे।महानगरों में बड़ी ‘सफाई’: लखनऊ और मेरठ में क्यों कटे नाम?जहाँ 84 लाख नाम जुड़े हैं, वहीं पुनरीक्षण के दौरान 2.05 करोड़ से अधिक नाम सूची से हटाए भी गए हैं।लखनऊ और मेरठ: इन जिलों में निर्वाचन आयोग ने ‘ASD’ (Absent, Shifted, Dead) फॉर्मूले के तहत बड़ी कार्रवाई की है।कारण: दिल्ली-एनसीआर और राजधानी होने के कारण यहाँ मतदाताओं के शिफ्ट होने (दूसरे शहरों में बसने) की दर सबसे अधिक थी। मेरठ और लखनऊ के शहरी इलाकों में कई ऐसे मतदाता मिले जो वर्षों पहले पलायन कर चुके थे या जिनके पास दो अलग-अलग विधानसभाओं के वोटर आईडी थे।ऑनलाइन कैसे देखें अपना नाम?चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम सूची में नहीं हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है।पोर्टल: मतदाता voters.eci.gov.in पर जाकर अपना नाम चेक कर सकते हैं।एप: ‘Voter Helpline App’ के जरिए भी स्टेटस देखा जा सकता है।सुधार: यदि नाम कट गया है या गलत है, तो फॉर्म 6 (नए नाम के लिए) या फॉर्म 8 (सुधार के लिए) ऑनलाइन भरा जा सकता है।

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