UP Weather Forecast (13 जुलाई 2026): उत्तर प्रदेश के 18 जिलों में मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली का ऑरेंज अलर्ट, जानें लखनऊ समेत अपने शहर का हाल

उत्तर प्रदेश में मानसून (Monsoon in UP) के पूरी तरह एक्टिव होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए प्रदेश में मौसम का बड़ा बुलेटिन जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश, वज्रपात (Lightning) और तेज आंधी चलने की प्रबल आशंका है. विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम के इस रौद्र रूप को लेकर बेहद सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है.
इन 18 जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी (Orange Alert)
मौसम वैज्ञानिकों ने आज 13 जुलाई को प्रदेश के जिन प्रमुख जिलों के लिए भारी वर्षा और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है, उनकी सूची इस प्रकार है:
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पश्चिमी यूपी के जिले: मेरठ, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, एटा, महामाया नगर (हाथरस) और मैनपुरी.
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पूर्वी व मध्य यूपी के जिले: कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर और देवरिया.
पूर्वांचल के 7 जिलों में विशेष रेड-अलर्ट
पूर्वी उत्तर प्रदेश के उत्तर-पूर्वी बेल्ट में आने वाले 7 जिलों में मूसलाधार बारिश के चलते स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसे हालात या जनजीवन अस्त-व्यस्त होने का अनुमान है. मौसम विभाग ने देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, बलरामपुर, महाराजगंज और सिद्धार्थनगर के प्रशासन व नागरिकों को विशेष रूप से अलर्ट पर रहने को कहा है.
राजधानी लखनऊ के मौसम का हाल (Lucknow Temperature)
अगर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की बात करें, तो यहां आज आंशिक रूप से बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. बादलों के बीच धूप निकलने से वातावरण में उमस (Humidity) का असर काफी ज्यादा रहेगा, जिससे राहगीरों को थोड़ी परेशानी हो सकती है.
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अधिकतम तापमान (Max Temp): 38 डिग्री सेल्सियस तक जाने का अनुमान.
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न्यूनतम तापमान (Min Temp): 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना.
भारी बारिश से आम जनता के लिए बढ़ सकती हैं ये 5 मुश्किलें
मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान होने वाले संभावित नुकसानों को लेकर भी एक गाइडलाइन जारी की है:
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शहरी जलभराव: तेज बारिश के कारण निचले इलाकों, मुख्य सड़कों और रेलवे अंडरपास में भारी पानी जमा हो सकता है.
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ट्रैफिक जाम: सड़कों पर जलजमाव और दृश्यता (Visibility) कम होने से यातायात में भारी बाधा आ सकती है.
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कच्चे मकानों को खतरा: तेज आंधी और पानी के थपेड़ों से ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों या कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है.
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बिजली संकट: आकाशीय बिजली गिरने और पेड़ टूटने से कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने की समस्या हो सकती है.
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खेती को नुकसान: मौसमी नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने से बागवानी और नई बोई गई फसलों को भी आंशिक नुकसान होने की आशंका है.
मौसम विभाग की जरूरी एडवाइजरी (IMD Safety Advisory)
IMD ने आम जनता से अपील की है कि वे तेज आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली (Thunderstorm) कड़कने के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर यात्रा करने से बचें. जलभराव वाले रास्तों या खुले मैदानों में खड़े होने के बजाय किसी पक्के मकान की शरण लें. किसान भाई खेतों में काम करते समय बड़े पेड़ों के नीचे बिल्कुल न छिपें. आने वाले पूरे हफ्ते प्रदेश में मानसून की सक्रियता ऐसी ही बनी रहेगी, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आने की उम्मीद है.


