असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में बड़ा बदलाव केवल 5 विषयों के पुनर्मूल्यांकन पर लगी मुहर, जानें क्या है पूरा मामला

News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती (विज्ञापन संख्या 51) की पुन: परीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन की प्रक्रिया में सभी विषयों को शामिल करने के बजाय, केवल पाँच विशिष्ट विषयों के उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस फैसले ने उन हजारों अभ्यर्थियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं जो लंबे समय से पूरी परीक्षा प्रक्रिया के परिणामों का इंतजार कर रहे हैं। आयोग का यह कदम चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी लाने के उद्देश्य से देखा जा रहा है।किन 5 विषयों पर टिकी है आयोग की नजर?सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने उन विषयों को पुनर्मूल्यांकन के लिए चुना है जिनमें पहले हुई परीक्षा के दौरान विसंगतियां या तकनीकी शिकायतें प्राप्त हुई थीं। हालांकि आयोग ने आधिकारिक तौर पर पाँचों विषयों के नाम सार्वजनिक करने में सावधानी बरती है, लेकिन माना जा रहा है कि इनमें हिंदी, संस्कृत और समाजशास्त्र जैसे मुख्य विषय शामिल हो सकते हैं। इन विषयों के पुनर्मूल्यांकन के बाद ही अंतिम मेरिट लिस्ट और इंटरव्यू का रास्ता साफ हो सकेगा।18 और 19 अप्रैल को होने वाली परीक्षा पर क्या होगा असर?शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की पुन: परीक्षा 18 और 19 अप्रैल 2026 को दो पालियों में आयोजित की जा रही है। मूल्यांकन को लेकर लिया गया यह नया निर्णय वर्तमान में चल रही परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करेगा, बल्कि यह उन लंबित परिणामों के लिए है जिन्हें विवादों के कारण रोका गया था। आयोग की कोशिश है कि इस बार मूल्यांकन की त्रुटियों को शून्य कर दिया जाए ताकि भविष्य में किसी भी कानूनी अड़चन से बचा जा सके।विशेषज्ञों की टीम करेगी कॉपियों की जांचपुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाने के लिए आयोग ने बाहरी विशेषज्ञों (External Experts) की एक विशेष समिति का गठन किया है। यह टीम न केवल उत्तर कुंजियों (Answer Keys) का मिलान करेगी, बल्कि कट-ऑफ निर्धारण में भी निष्पक्षता सुनिश्चित करेगी। अभ्यर्थियों ने आयोग के इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह मांग भी उठाई है कि मूल्यांकन की प्रक्रिया समयबद्ध होनी चाहिए ताकि नियुक्तियों में और अधिक देरी न हो।इंटरव्यू और फाइनल रिजल्ट का नया शेड्यूल जल्दपाँच विषयों के इस ‘लिमिटेड इवैल्यूएशन’ के पूरा होते ही आयोग इंटरव्यू का नया शेड्यूल जारी करेगा। उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली पदों को भरने के लिए यह भर्ती प्रक्रिया पिछले कई वर्षों से चर्चा में है। अब जब आयोग ने मूल्यांकन की बाधा को दूर करने का रास्ता निकाल लिया है, तो उम्मीद जताई जा रही है कि जून 2026 तक चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिल सकते हैं।