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जम्मू-कश्मीर में फाल्कन स्क्वाड की दहशत कश्मीरी पंडितों को मिली खुली धमकी सुरक्षा बलों ने बढ़ाई चौकसी

News India Live, Digital Desk: कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों और गैर-स्थानीय कर्मचारियों को निशाना बनाने की धमकियों का सिलसिला थम नहीं रहा है। आतंकी संगठन TRF (The Resistance Front) की एक विशेष शाखा, जिसे ‘फाल्कन स्क्वाड’ कहा जाता है, ने पोस्टर जारी कर कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़ने या गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।1. क्या है ‘फाल्कन स्क्वाड’ (Falcon Squad)?सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, फाल्कन स्क्वाड कोई नया संगठन नहीं बल्कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रॉक्सी संगठन TRF का एक ‘हिट स्क्वाड’ है:कार्यप्रणाली: यह स्क्वाड ‘टारगेट किलिंग’ (Target Killing) के लिए प्रशिक्षित है। इनका मुख्य काम निहत्थे नागरिकों, कश्मीरी पंडितों और सरकारी कर्मचारियों को अचानक निशाना बनाकर भाग जाना है।ताजा धमकी: वायरल पोस्टरों में कश्मीरी पंडितों को “कब्जाधारी” बताया गया है और चेतावनी दी गई है कि वे जल्द से जल्द घाटी खाली कर दें।2. कश्मीरी पंडितों में बढ़ता आक्रोश और डरइन धमकियों के बाद कश्मीरी पंडितों के बीच सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता है:PM पैकेज कर्मचारी: घाटी में काम कर रहे पीएम पैकेज कर्मचारी एक बार फिर स्थानांतरण (Relocation) की मांग कर रहे हैं।प्रदर्शन: कुछ इलाकों में इन धमकियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं, जहाँ लोगों ने प्रशासन से पर्याप्त सुरक्षा और सुरक्षित आवास की मांग की है।3. प्रशासन और सुरक्षा बलों की कार्रवाईधमकी भरे पोस्टरों के वायरल होने के बाद पुलिस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है:सर्च ऑपरेशन: श्रीनगर, शोपियां और कुलगाम जैसे संवेदनशील जिलों में सघन तलाशी अभियान (Cordon and Search Operations) चलाए जा रहे हैं।साइबर सेल एक्टिव: पुलिस की साइबर सेल उन सोशल मीडिया हैंडल्स को ट्रैक कर रही है जहाँ से ये पोस्टर और धमकी भरे संदेश फैलाए जा रहे हैं।सुरक्षा ऑडिट: कश्मीरी पंडितों की कॉलोनियों और उनके कार्यस्थलों के आसपास सुरक्षा घेरा और मजबूत कर दिया गया है।आतंकियों की नई रणनीति: मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare)विशेषज्ञों का मानना है कि जमीन पर कमजोर पड़ने के बाद आतंकी अब ‘डिजिटल धमकियों’ और पोस्टरों के जरिए मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि घाटी में शांति और विकास की प्रक्रिया को बाधित किया जा सके।

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