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मानसून का महा-अलर्ट: दिल्ली-NCR समेत देश के 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें अपने शहर के मौसम का हाल

देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) ने अपनी पूरी रफ्तार पकड़ ली है। इसका सबसे ज्यादा असर उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के अलग-अलग राज्यों में देखने को मिल रहा है। दिल्ली-NCR में आज गुरुवार सुबह से ही झमाझम बारिश का दौर जारी है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है और मौसम सुहावना हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी दिल्ली के लिए 9 जुलाई को 'येलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी किया है और कहा है कि 11 जुलाई तक दिल्ली में बारिश का यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है। आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रहने की संभावना है।

उत्तर भारत में 14 जुलाई तक आफत की बारिश

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 9 से 14 जुलाई के दौरान मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। उत्तराखंड में तो 10 जुलाई को कुछ स्थानों पर 'अत्यंत भारी बारिश' का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में 9 से 12 जुलाई तक गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ेंगी और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब में आज, जबकि हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-NCR में 9-10 जुलाई को भारी बारिश के आसार हैं।

यूपी-एमपी में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने का खतरा

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लोगों के लिए मौसम विभाग ने विशेष सावधानी बरतने को कहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज 9 जुलाई को 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी यूपी में 13 जुलाई तक मानसून एक्टिव रहेगा। दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में 11 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी आज और फिर 13-14 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में 12 जुलाई तक आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा मंडरा रहा है।

बिहार, झारखंड और बंगाल में भी मानसून का तांडव

पूर्वी भारत में भी मानसून कहर ढाने को तैयार है। बिहार में 9 से 14 जुलाई तक (11 जुलाई को थोड़ी राहत के बाद) लगातार कई जिलों में भारी बारिश होगी। झारखंड में 9-10 जुलाई और फिर 12-14 जुलाई के बीच बारिश का दौर चलेगा। पश्चिम बंगाल, ओडिशा और सिक्किम में 9 से 14 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) का संकट खड़ा हो सकता है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी 50 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

क्या है मानसून की मौजूदा स्थिति?

आईएमडी (IMD) की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल राजस्थान के बाड़मेर, जोधपुर, चूरू और पंजाब के भटिंडा होते हुए आगे बढ़ रही है। मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता को जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने, आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे न छिपने और बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सख्त हिदायत दी है।

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