माल्या ने दी धनतेरस की बधाई तो भड़के यूजर्स, SBI के नाम पर जमकर उड़ा मजाक

त्योहारों के सीजन में जहां पूरा देश धनतेरस और दिवाली की खुशियों में डूबा हुआ है, वहीं लंदन में बैठकर भारतीय बैंकों को अरबों रुपये का चूना लगाने वाले भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने भी भारतीय नागरिकों को धनतेरस की शुभकामनाएं देने की कोशिश की। विजय माल्या ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स (ट्विटर) पर जैसे ही धनतेरस का बधाई संदेश पोस्ट किया, भारतीय इंटरनेट यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। यूजर्स ने बिना कोई मौका गंवाए माल्या के पोस्ट पर कमेंट्स की बौछार कर दी और उनके पुराने रिकॉर्ड्स को याद दिलाते हुए जमकर क्लास लगाई। भारत के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) समेत कई सार्वजनिक बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लेकर देश से रफूचक्कर हुए माल्या का यह ट्वीट देखते ही देखते वायरल हो गया और लोगों ने उन पर तंज कसना शुरू कर दिया।
'SBI के पैसे तो वापस कर देते', यूजर्स ने जमकर ली चुटकी और बनाए मीम्स
विजय माल्या की पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने प्रतिक्रियाओं की झड़ी लगा दी। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, "विजय भाई, धनतेरस की बधाई तो ठीक है लेकिन कुछ धन तो भारतीय बैंकों के लिए छोड़ जाते, ताकि हम लोग भी खुशी-खुशी त्योहार मना पाते।" वहीं एक अन्य यूजर ने एसबीआई (SBI) बैंक का जिक्र करते हुए लिखा, "एसबीआई के अधिकारी आपका यह ट्वीट देखकर रो रहे होंगे, उन्हें बधाई देने के बजाय उनका डूबा हुआ पैसा लौटा दीजिए।" देखते ही देखते माल्या के इस ट्वीट पर हजारों मीम्स और व्यंग्यात्मक टिप्पणियां पोस्ट की जाने लगीं। लोगों ने कहा कि जो व्यक्ति पूरे देश का धन लेकर विदेश भाग गया हो, उसके मुंह से धनतेरस की बधाई सुनना अपने आप में किसी मजाक से कम नहीं है।
बैंकों के 9,000 करोड़ रुपये का मामला और ब्रिटेन में प्रत्यर्पण की स्थिति
किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व मालिक विजय माल्या पर भारत के 17 बैंकों के कंसोर्टियम का लगभग 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज बकाया है। वर्ष 2016 में भारत छोड़कर ब्रिटेन (लंदन) भागे माल्या को भारतीय अदालतों द्वारा भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है। भारत सरकार और सीबीआई (CBI) व ईडी (ED) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियां लगातार ब्रिटेन से उनके प्रत्यर्पण (Extradition) की कोशिशों में जुटी हुई हैं। हालांकि माल्या अक्सर सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं और दावा करते हैं कि वे बैंकों का पूरा मूलधन (Principal Amount) चुकाने के लिए तैयार हैं, लेकिन भारतीय कानूनी प्रक्रियाओं के तहत उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। ऐसे में धनतेरस के पावन अवसर पर उनके द्वारा दी गई यह बधाई लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी साबित हुई, जिसके कारण उन्हें एक बार फिर भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।