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मिडिल ईस्ट में महाजंग के बीच सरकार का बड़ा ऐलान, देश में अनाज के भंडार को लेकर आई सबसे बड़ी अपडेट

News India Live, Digital Desk: ईरान और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के बाद वैश्विक स्तर पर खाद्यान्न संकट की आहट सुनाई देने लगी है। दुनिया भर में सप्लाई चेन टूटने का डर बढ़ गया है, लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। केंद्र सरकार ने देश के अन्न भंडार (बफर स्टॉक) की ताजा स्थिति पर बड़ा अपडेट जारी किया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि विदेशी युद्ध और वैश्विक तनाव का असर भारत की थाली पर नहीं पड़ेगा। हमारे पास चावल और गेहूं का इतना स्टॉक मौजूद है कि किसी भी आपात स्थिति से आसानी से निपटा जा सकता है।युद्ध के साय में भी सुरक्षित है भारत की थालीमिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी है। कई देशों में अनाज की जमाखोरी और कीमतें बढ़ने की खबरें आ रही हैं, लेकिन भारत सरकार के ताजा आंकड़े सुकून देने वाले हैं। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मुताबिक, देश के गोदामों में गेहूं और चावल का स्टॉक निर्धारित बफर नॉर्म्स से कहीं अधिक है। इसका मतलब है कि आने वाले कई महीनों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और खुले बाजार में अनाज की कोई कमी नहीं होने वाली है।गोदामों में अनाज का पहाड़: आंकड़ों ने बढ़ाया भरोसासरकार द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, रबी और खरीफ सीजन की बंपर खरीद ने भारत की स्थिति को मजबूत किया है। भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदामों में वर्तमान में गेहूं की मात्रा तय मानक से काफी ऊपर बनी हुई है। वहीं चावल के मामले में भारत पहले से ही आत्मनिर्भर और सरप्लस की स्थिति में है। सरकार का कहना है कि यह बफर स्टॉक न केवल देश की आंतरिक मांग को पूरा करेगा, बल्कि किसी भी अप्रत्याशित संकट के समय ढाल बनकर खड़ा रहेगा।महंगाई पर लगाम कसने की तैयारीयुद्ध की स्थिति में अक्सर आयात-निर्यात प्रभावित होने से कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन भारत के पास मौजूद भारी स्टॉक के कारण घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखना आसान होगा। सरकार समय-समय पर ‘ओपन मार्केट सेल स्कीम’ (OMSS) के जरिए बाजार में अनाज उतारती रहती है ताकि खुदरा कीमतों में उछाल न आए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्टॉक अपडेट के बाद बाजार में अनाज की कीमतों में स्थिरता आएगी और आम आदमी को राहत मिलेगी।पैनिक बाइंग से बचने की सलाहअनाज के पर्याप्त भंडार की जानकारी सार्वजनिक करने के पीछे सरकार का मकसद लोगों में विश्वास जगाना भी है। अक्सर युद्ध की खबरों के बीच अफवाहें फैलती हैं कि राशन खत्म हो जाएगा, जिससे लोग पैनिक बाइंग (जरूरत से ज्यादा खरीदारी) शुरू कर देते हैं। सरकार ने साफ संदेश दिया है कि आपूर्ति सुचारू बनी रहेगी, इसलिए देशवासियों को घबराने या राशन का स्टॉक जमा करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

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