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ईरान-अमेरिका युद्ध के 27वें दिन बड़ा मोड़: ट्रंप को ईरान से मिले 10 तेल टैंकरों के ‘गिफ्ट’, क्या रुकने वाली है जंग?

पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के 27वें दिन कूटनीतिक गलियारों में एक हलचल पैदा करने वाली खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने युद्ध खत्म करने की अपनी गंभीरता दिखाने के लिए अमेरिका को ‘तोहफे’ के तौर पर 10 तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति दी है। व्हाइट हाउस में एक कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने इस घटनाक्रम को अमेरिका की बड़ी कूटनीतिक जीत और ईरान के झुकने के संकेत के रूप में पेश किया।ट्रंप का दावा: “पहले 8 टैंकरों की बात थी, फिर मिले 10″राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि ईरान ने शुरुआत में आठ बड़े ऑयल टैंकरों को रास्ता देने का वादा किया था। ट्रंप के अनुसार, “उन्होंने यह दिखाने के लिए कि वे गंभीर हैं, आठ बड़े तेल के जहाजों को जाने दिया। बाद में उन्होंने इसके लिए माफी भी मांगी और दो और टैंकर भेज दिए, जिससे कुल संख्या 10 हो गई।” ट्रंप ने दिलचस्प खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी तब हुई जब उन्होंने खुद टीवी न्यूज पर पाकिस्तानी झंडे वाले इन टैंकरों को गुजरते देखा।होर्मुज में ‘टोल टैक्स’ पर बिफरे ट्रंपजहाँ एक ओर ट्रंप टैंकरों के गुजरने को सकारात्मक बता रहे हैं, वहीं उन्होंने ईरान द्वारा इस समुद्री मार्ग से ‘टोल’ वसूलने पर कड़ी आपत्ति जताई है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर इस तरह की वसूली नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह संकेत है कि ईरान बातचीत की मेज पर आना चाहता है और अमेरिका सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।15 बिंदुओं वाला शांति प्रस्ताव और ईरान की ‘नो’कैबिनेट बैठक में मौजूद ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने पुष्टि की कि अमेरिका ने ईरान के सामने 15 बिंदुओं वाला एक शांति प्रस्ताव रखा है। हालांकि, ईरान ने फिलहाल इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। इस प्रस्ताव में कथित तौर पर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करने और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को सीमित करने जैसी कड़ी शर्तें शामिल हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत नहीं कर रहे हैं।”हम बन जाएंगे उनका डरावना सपना”: ट्रंप की सीधी चेतावनीशांति की बातों के बीच ट्रंप ने अपना सख्त लहजा भी बरकरार रखा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब फैसला ईरान के पाले में है। ट्रंप ने कहा, “अगर वे समझौता नहीं करते, तो हम उनके लिए सबसे बड़ा डरावना सपना बन जाएंगे। हम बिना किसी रोक-टोक के उन्हें लगातार निशाना बनाते रहेंगे।” राष्ट्रपति ने साफ कर दिया कि या तो ईरान युद्धविराम की शर्तों को माने, या फिर गंभीर नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहे।

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