नेपाल में बालेन का राज आते ही महाधमाका PM बनते ही लिया सबसे बड़ा एक्शन, पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली गिरफ्तार

News India Live, Digital Desk: पड़ोसी मुल्क नेपाल की सियासत में शनिवार सुबह एक ऐसा ‘सियासी वज्रपात’ हुआ, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। रैपर से राजनेता बने और नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले बालेंद्र शाह (बालेन शाह) ने कुर्सी संभालते ही अपने तेवर साफ कर दिए हैं। प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के महज 24 घंटे के भीतर बालेन सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया है। ओली की इस गिरफ्तारी ने न केवल नेपाल बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की राजनीति में खलबली मचा दी है।आधी रात को घेरा गया आवास, भारी सुरक्षा के बीच हुई गिरफ्तारीसूत्रों के मुताबिक, काठमांडू के भक्तपुर स्थित केपी शर्मा ओली के निजी आवास पर शनिवार सुबह तड़के नेपाल पुलिस की भारी टुकड़ी पहुंची। जैसे ही पुलिस ने वारंट दिखाया, समर्थकों ने विरोध की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाबलों की मुस्तैदी के आगे किसी की एक न चली। ओली के साथ-साथ उनके पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले साल हुए ‘जेन-जी’ (Gen Z) प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों और पुलिस दमन के मामले में गठित ‘गौरी बहादुर कार्की आयोग’ की सिफारिशों के आधार पर की गई है।’जनरेशन जेड’ के विद्रोह का बदला! 77 मौतों का हिसाब मांग रही बालेन सरकारगौरतलब है कि सितंबर 2025 में नेपाल की सड़कों पर युवाओं (Gen Z) ने भ्रष्टाचार और व्यवस्था के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन छेड़ा था। उस दौरान हुए हिंसक संघर्ष में 77 लोगों की जान चली गई थी और सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा था। बालेन शाह ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही इस हिंसा की जांच रिपोर्ट को लागू करने का फैसला किया। नवनियुक्त गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने गिरफ्तारी के तुरंत बाद ट्वीट कर कहा, “वादा तो वादा होता है, कानून से ऊपर कोई नहीं है।” यह साफ संकेत है कि बालेन सरकार पिछली सरकार के ‘दमन’ का पूरा हिसाब चुकता करने के मूड में है।क्या नेपाल में थम जाएगा ओली का युग? समर्थकों में भारी आक्रोशकेपी शर्मा ओली ने अपनी गिरफ्तारी को ‘प्रतिशोध की राजनीति’ करार दिया है। उनकी पार्टी CPN-UML के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर बालेन शाह के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 35 वर्षीय बालेन शाह का यह कदम नेपाल की राजनीति में पुराने दिग्गजों के खात्मे की शुरुआत हो सकता है। 182 सीटों के प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आए बालेन ने साफ कर दिया है कि वे ‘सिस्टम की सफाई’ के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। अब देखना यह होगा कि ओली की यह गिरफ्तारी नेपाल में शांति लाएगी या एक नए गृहयुद्ध की चिंगारी को हवा देगी।