धर्म

Headline: Narasimha Jayanti 2026: कब है नरसिंह जयंती? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और भगवान विष्णु के इस रौद्र अवतार की महिमा

News India Live, Digital Desk: हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान नरसिंह की जयंती मनाई जाती है। मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन दिन पर भगवान विष्णु ने अपने परम भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए और अधर्मी हिरण्यकशिपु का वध करने के लिए आधा शेर और आधा इंसान का रूप धारण किया था। साल 2026 में नरसिंह जयंती को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है। अगर आप भी सुख-समृद्धि और शत्रुओं पर विजय चाहते हैं, तो इस दिन का व्रत और पूजन आपके लिए विशेष फलदायी हो सकता है।साल 2026 में कब है नरसिंह जयंती? नोट करें सही तारीख और शुभ मुहूर्त इस वर्ष वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को लेकर कुछ भ्रम हो सकते हैं, लेकिन गणना के अनुसार 1 मई 2026 को नरसिंह जयंती का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषियों के अनुसार, पूजा का सबसे शुभ समय सूर्यास्त के आसपास का होता है, क्योंकि भगवान नरसिंह का प्राकट्य गोधूलि वेला में हुआ था। इस दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी में स्नान करते हैं और व्रत का संकल्प लेते हैं।पूजा की सरल विधि: इस तरह प्रसन्न होंगे भगवान नरसिंह नरसिंह जयंती के दिन भगवान नरसिंह और माता लक्ष्मी की संयुक्त रूप से पूजा की जाती है। पूजा स्थान पर प्रतिमा स्थापित कर उन्हें चंदन, पुष्प, फल और केसर अर्पित करना चाहिए। विशेष रूप से भगवान को पीले वस्त्र पहनाएं और भोग में दही या ठंडी चीजों का उपयोग करें, क्योंकि नरसिंह अवतार अत्यंत उग्र माना जाता है और ठंडी वस्तुएं उनके क्रोध को शांत करने का प्रतीक हैं। पूजा के दौरान ‘ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्’ मंत्र का जाप करना शत्रुओं का नाश करने वाला माना जाता है।व्रत और पारण का समय: इन नियमों का पालन है अनिवार्य नरसिंह जयंती का व्रत रखने वाले जातकों को इस दिन अनाज का सेवन करने से बचना चाहिए। यह व्रत निर्जला या फलाहारी रखा जा सकता है। अगले दिन यानी पूर्णिमा तिथि को सूर्योदय के बाद विधि-विधान से पारण करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन पूरी श्रद्धा से व्रत रखता है, उसे कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलती है और हर प्रकार के भय से मुक्ति मिल जाती है।

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