खतरे की घंटी! गैस की ये सबसे कॉमन दवा कहीं आपको न बना दे कैंसर का मरीज

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खानपान और अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण गैस, बदहजमी और सीने में जलन (एसिडिटी) होना एक बेहद आम समस्या बन चुकी है। इस समस्या से तुरंत राहत पाने के लिए देश के करोड़ों लोग बिना डॉक्टरों की सलाह के मेडिकल स्टोर से खरीदकर सीधे रैनिटिडिन (Ranitidine) जैसी बेहद लोकप्रिय और कॉमन दवा का सेवन कर लेते हैं। घरों में इसे एक साधारण पेनकिलर की तरह संभालकर रखा जाता है। लेकिन इसी बीच चिकित्सा और फार्मास्यूटिकल जगत से एक बेहद डरावनी और सचेत करने वाली रिपोर्ट सामने आई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और दवा नियामकों की जांच में इस बेहद कॉमन दवा को लेकर एक ऐसा चौंकाने वाला सच सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया के डॉक्टरों और मरीजों को गहरे तनाव में डाल दिया है। जानिए क्या है रैनिटिडिन दवा और क्यों मची है इसे लेकर खलबली रैनिटिडिन एक बेहद लोकप्रिय 'H2 ब्लॉकर' दवा है, जो पेट के भीतर बनने वाले अत्यधिक एसिड की मात्रा को कम करने का काम करती है। बाजार में यह दवा एसीलोक (Aciloc), जेंटैक (Zantac) और रेंटैक (Rantac) जैसे कई मशहूर ब्रांड नामों से बेहद सस्ती कीमतों पर दशकों से बिक रही है। लेकिन हाल ही में विश्व स्तर पर हुई कड़े लैब परीक्षणों में यह बात सामने आई है कि इस दवा के भीतर एक बेहद खतरनाक और कैंसर पैदा करने वाला अशुद्ध तत्व पाया गया है। इस खुलासे के बाद से ही वैश्विक स्वास्थ्य संगठनों ने इस दवा की सुरक्षा और इसके क्रेडिबिलिटी को लेकर कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस दवा के भीतर छुपा है 'NDMA' नाम का खतरनाक साइलेंट किलर फार्मा विशेषज्ञों की जांच में रैनिटिडिन के सैंपल्स के भीतर 'एन-नाइट्रोसोडाइमिथाइलएमाइन' (NDMA) नाम की एक अशुद्धता (इम्प्योरिटी) का पता चला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के मुताबिक, NDMA एक ऐसा खतरनाक केमिकल है जिसे इंसानों में कैंसर पैदा करने वाले तत्व (कार्सिनोजेन) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब इस दवा को लंबे समय तक सामान्य या अधिक तापमान पर स्टोर करके रखा जाता है, तो इसके भीतर मौजूद NDMA की मात्रा अपने आप बहुत तेजी से बढ़ने लगती है, जो शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। क्या रैनिटिडिन के लगातार सेवन से सीधे तौर पर हो सकता है कैंसर इस कड़वे सच को लेकर डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने पूर्व में इस दवा का सीमित मात्रा में या कभी-कभार सेवन किया है, तो उसे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन जो लोग सालों से बिना किसी डॉक्टरी पर्चे (OTC) के रोज सुबह खाली पेट या एसिडिटी होने पर इस दवा को लगातार खाते आ रहे हैं, उनके शरीर में इस टॉक्सिक तत्व के जमा होने का खतरा बढ़ जाता है। यह अशुद्धता मुख्य रूप से पेट का कैंसर, आंतों का कैंसर, लिवर और किडनी को गंभीर रूप से डैमेज करने का कारण बन सकती है। इसी गंभीर खतरे को देखते हुए भारत सहित दुनिया के कई देशों ने इसके उत्पादन और बिक्री पर कड़े प्रतिबंध व कूटनीतिक गाइडलाइंस जारी की हैं। गैस और एसिडिटी से बचने के लिए अब क्या हैं सुरक्षित विकल्प अगर आप भी अपनी गैस की समस्या के लिए रैनिटिडिन पर निर्भर थे, तो आज ही इस आदत को बदल लें। चिकित्सा विज्ञान में अब इस दवा के कई सुरक्षित और आधुनिक विकल्प मौजूद हैं। डॉक्टर अब रैनिटिडिन की जगह मरीजों को पैंटोप्राजोल (Pantoprazole), ओमेप्राजोल (Omeprazole) या रैबेप्राजोल (Rabeprazole) जैसी पीपीआई (PPI) दवाएं लेने की सलाह देते हैं, जो पूरी तरह से सुरक्षित मानी जाती हैं। हालांकि, डॉक्टरों का यह भी कहना है कि दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय अपनी लाइफस्टाइल में सुधार करें। रात को समय पर सोएं, ज्यादा तीखा और जंक फूड खाने से बचें, भरपूर पानी पिएं और सुबह उठकर ताजी हवा में टहलें, ताकि गैस की समस्या जड़ से ही खत्म हो सके।