NRI-OCI को मिली अब तक की सबसे बड़ी राहत! RBI के इस ऐतिहासिक फैसले से भारतीय शेयर बाजार में आएगा भारी निवेश का बवंडर

भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू शेयर बाजार (Stock Market) के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की तरफ से एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। केंद्रीय बैंक ने विदेशी धरती पर रहने वाले प्रवासी भारतीयों यानी एनआरआई (NRI) और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया यानी ओसीआई (OCI) कार्ड धारकों को एक बहुत बड़ी कूटनीतिक राहत दी है। आरबीआई ने देश के शेयर बाजार में निवेश करने की पुरानी और जटिल प्रक्रिया को बेहद सरल और सुगम बनाने के लिए नए नियमों का ऐलान किया है। इस फैसले के आते ही न केवल विदेशी निवेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई है, बल्कि दलाल स्ट्रीट (Dalal Street) के विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारतीय बाजार की दिशा और दशा दोनों को बदलने की ताकत रखता है। जानिए क्या हैं आरबीआई के नए नियम और प्रवासियों को कहां मिली है सबसे बड़ी छूट आरबीआई की तरफ से जारी की गई नई गाइडलाइंस के मुताबिक, अब एनआरआई और ओसीआई निवेशकों के लिए भारतीय कंपनियों के शेयरों और म्यूचुअल फंड्स में पैसा लगाने की सीमा और उससे जुड़ी कागजी कार्यवाही को काफी हद तक आसान कर दिया गया है। पहले जहां इन निवेशकों को कई तरह के कड़े कूटनीतिक नियमों, अप्रूवल और लंबी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था, वहीं अब नई व्यवस्था के तहत वे बेहद कम समय में और बिना किसी झंझट के सीधे भारतीय इक्विटी बाजार में अपना बड़ा निवेश कर सकेंगे। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि नियमों में किया गया यह उदारीकरण विदेशी फंड्स को आकर्षित करने के लिए अब तक का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक है। भारतीय शेयर बाजार को कैसे मिलेगा इसका बंपर फायदा और क्यों आएगा उछाल एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो इस नए नियम का सबसे सीधा और बड़ा सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार के सेंसेक्स और निफ्टी पर देखने को मिलने वाला है। प्रवासियों के लिए रास्ते आसान होने से भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पूंजी का एक बहुत बड़ा और भारी-भरकम फ्लो (पूंजी का प्रवाह) शुरू हो जाएगा। इससे बाजार में लिक्विडिटी यानी नकदी की मात्रा तेजी से बढ़ेगी, जिससे घरेलू कंपनियों के शेयरों के भाव में जबरदस्त तेजी आने की पूरी संभावना बन गई है। विशेषकर स्मॉलकैप और मिडकैप सेगमेंट की कंपनियों के लिए यह फैसला किसी संजीवनी से कम नहीं है, क्योंकि एनआरआई निवेशक अब इन सेक्टर्स में भी खुलकर पैसा लगा सकेंगे। आने वाले दिनों में देश की अर्थव्यवस्था और रुपए की मजबूती को मिलेगी नई रफ्तार इस बड़े और दूरगामी फैसले का असर सिर्फ शेयर बाजार तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को वैश्विक स्तर पर एक नई मजबूती प्रदान करेगा। जब बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) भारत आएगी, तो इससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ेगा और डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए की स्थिति भी काफी मजबूत होगी। विशेषज्ञों का दावा है कि दुनिया भर में मंदी के साए के बीच भारत का यह कदम वैश्विक निवेशकों को एक कड़ा और साफ संदेश देता है कि भारतीय बाजार निवेश के लिए आज भी दुनिया का सबसे सुरक्षित और सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला ठिकाना है।