बढ़ती उम्र में पिता बनना कितना आसान? डॉक्टर से जानिए पुरुषों की फर्टिलिटी पर उम्र का असर और इसे बेहतर रखने के तरीके

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, बदलती लाइफस्टाइल, मानसिक तनाव, गलत खानपान और करियर के चलते देर से परिवार शुरू करने की योजना (Late Parenting) जैसी कई वजहों से पुरुषों की फर्टिलिटी (Male Fertility) को लेकर चर्चा काफी बढ़ गई है। पुरुषों की फर्टिलिटी का सीधा मतलब है— किसी पुरुष की प्राकृतिक रूप से संतान पैदा करने की क्षमता। इस पूरी प्रक्रिया में स्पर्म (शुक्राणु) की संख्या (Count), उसकी गुणवत्ता (Quality), गतिशीलता (Motility) और डीएनए ($DNA$) की बनावट सबसे अहम भूमिका निभाती है। हाल के वर्षों में पुरुषों में इंफर्टिलिटी (बांझपन) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
PubMed की रिपोर्ट: 30 सालों में 74.7% बढ़े पुरुष इंफर्टिलिटी के मामले
मेडिकल जर्नल PubMed में प्रकाशित एक वैश्विक अध्ययन के अनुसार, साल 2021 में दुनियाभर में पुरुष इंफर्टिलिटी के करीब 5.5 करोड़ मामले दर्ज किए गए थे। इस रिसर्च का सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि साल 1990 से 2021 के बीच पुरुष इंफर्टिलिटी के मामलों में लगभग 74.7% की भारी वृद्धि देखी गई है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे बढ़ती उम्र के अलावा धूम्रपान (स्मोकिंग), शराब का अत्यधिक सेवन, मोटापा, क्रोनिक स्ट्रेस (तनाव), फिजिकल एक्टिविटी की कमी और प्रदूषित वातावरण जैसे फैक्टर्स मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।
बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों की फर्टिलिटी पर क्या असर पड़ता है?
अक्सर यह माना जाता है कि बढ़ती उम्र का असर केवल महिलाओं की फर्टिलिटी (मेनोपॉज) पर पड़ता है, लेकिन विज्ञान ऐसा नहीं मानता। हेल्थ वेबसाइट MedlinePlus के अनुसार, हालांकि पुरुष अपने जीवनभर स्पर्म का उत्पादन करते रहते हैं, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ-साथ उनकी फर्टिलिटी क्षमता में धीरे-धीरे और महत्वपूर्ण बदलाव आने लगते हैं:
-
गुणवत्ता और गतिशीलता में कमी: 35 से 40 की उम्र पार करने के बाद स्पर्म की मोटिलिटी (तैरने की क्षमता) और उसकी संख्या में प्राकृतिक रूप से कमी आने लगती है।
-
DNA डैमेज का खतरा: बढ़ती उम्र के साथ स्पर्म के डीएनए ($DNA$) की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिससे गर्भधारण (Conception) में सामान्य से अधिक समय लग सकता है और मिसकैरेज (गर्भपात) का जोखिम भी थोड़ा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों की राय: इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अधिक उम्र में पुरुष पिता नहीं बन सकते। कई पुरुष 45 या 50 की उम्र के बाद भी स्वस्थ संतान के पिता बनते हैं। यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी आंतरिक सेहत और लाइफस्टाइल कैसी है।
बढ़ती उम्र में पुरुष अपनी फर्टिलिटी कैसे बेहतर रख सकते हैं?
यदि आप बढ़ती उम्र में फैमिली प्लानिंग कर रहे हैं, तो अपनी फर्टिलिटी और स्पर्म हेल्थ को मजबूत बनाए रखने के लिए इन जरूरी बातों का पालन करें:
-
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर डाइट: अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, ड्राई फ्रूट्स और साबुत अनाज शामिल करें। विटामिंस और एंटीऑक्सीडेंट्स स्पर्म की क्वालिटी सुधारते हैं।
-
नियमित एक्सरसाइज और वजन नियंत्रण: मोटापा पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन (पुरुष हार्मोन) के स्तर को कम करता है। इसलिए रोजाना 30-45 मिनट योग, रनिंग या वर्कआउट करें और वजन को संतुलित रखें।
-
नशीले पदार्थों से पूरी दूरी: धूम्रपान, तंबाकू और शराब का सेवन स्पर्म के उत्पादन को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाता है, इसलिए इनसे तुरंत दूरी बनाएं।
-
तनाव प्रबंधन और अच्छी नींद: अत्यधिक तनाव शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ाता है जो फर्टिलिटी का दुश्मन है। रोज 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लें और मेडिटेशन करें।
-
बीमारियों पर कंट्रोल: यदि आपको डायबिटीज (मधुमेह) या हाई ब्लड प्रेशर है, तो इसे दवाओं और सही दिनचर्या से पूरी तरह कंट्रोल में रखें, क्योंकि ये बीमारियां भी फर्टिलिटी को प्रभावित करती हैं।
इन 5 लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज; तुरंत डॉक्टर से मिलें
पुरुषों को अपनी रिप्रोडक्टिव हेल्थ (प्रजनन स्वास्थ्य) को लेकर शर्माने के बजाय जागरूक रहना चाहिए। अगर नीचे दिए गए लक्षण महसूस हों, तो बिना संकोच किसी अच्छे यूरोलॉजिस्ट या फर्टिलिटी एक्सपर्ट से सलाह लें:
-
यदि बिना किसी प्रोटेक्शन के 1 साल या उससे अधिक समय से लगातार कोशिश करने के बाद भी पार्टनर गर्भधारण नहीं कर पा रही हैं।
-
यौन इच्छा (Libido) में अचानक बहुत ज्यादा कमी आना।
-
इरेक्शन बनाए रखने या स्खलन (Ejaculation) से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या होना।
-
अंडकोष (Testicles) के आसपास लगातार हल्का दर्द, भारीपन, सूजन या किसी तरह की छोटी गांठ महसूस होना।
-
यदि अतीत में आपकी कोई हॉर्मोन संबंधी बीमारी, गुप्त अंग की सर्जरी या कोई गंभीर मेडिकल हिस्ट्री रही हो।
आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में सही समय पर की गई जांच (जैसे सीमेन एनालिसिस) और उचित इलाज से पुरुषों की फर्टिलिटी से जुड़ी अधिकांश समस्याओं को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।