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‘अभिषेक IN तो कल्याण OUT’: टीएमसी की शहीद दिवस रैली में ममता के मंच पर अजब-गजब खेला, अचानक क्यों चले गए सांसद

पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए बेहद खास माना जाने वाला 'शहीद दिवस' का आयोजन मंगलवार को अभूतपूर्व राजनीतिक ड्रामे का गवाह बना। मध्य कोलकाता में महज ढाई किलोमीटर के दायरे में तीन प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक खेमों द्वारा समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे। इसी बीच, पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी की अगुवाई वाली मुख्य रैली में एक अजीबोगरीब वाकया देखने को मिला। मंच पर जैसे ही टीएमसी के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का आगमन हुआ, पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी अचानक मंच छोड़कर बाहर निकल गए, जिससे राज्य के सियासी गलियारों में तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गई हैं।

अभिषेक बनर्जी के भाषण के दौरान अचानक मंच से बाहर निकले कल्याण बनर्जी

प्रत्यक्षदर्शियों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना उस समय घटी जब तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी मंच से अपना संबोधन दे रहे थे। उस समय कल्याण बनर्जी वरिष्ठ नेताओं जैसे सौगत रॉय और महुआ मोइत्रा के साथ मुख्य मंच पर ही मौजूद थे। अचानक कल्याण बनर्जी अपनी सीट से उठे और गुस्से में मंच छोड़कर चले गए। जब संवाददाताओं ने उनसे अचानक मंच छोड़ने की वजह पूछी, तो उन्होंने इसे बेहद "व्यक्तिगत कारण" बताते हुए कहा कि वह बाद में वापस आएंगे। हालांकि, टीएमसी समर्थकों के एक वर्ग का दावा है कि वे अपने किसी महत्वपूर्ण कानूनी मामले के सिलसिले में अदालत जाने के लिए निकले थे। गौरतलब है कि मंच छोड़ने से पहले अपने भाषण में कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व की जमकर सराहना की थी।

'नया तृणमूल' का जिक्र और ममता बनर्जी का भाजपाइयों पर तीखा हमला

शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया। उन्होंने पार्टी में 'नई तृणमूल' की वकालत करते हुए चेतावनी दी कि जो लोग गुपचुप तरीके से भाजपा के करीब जा रहे हैं, पार्टी को अब उनकी कोई आवश्यकता नहीं है। इसके बावजूद, उन्होंने पिछली रात रैली की तैयारियों में जुटे वरिष्ठ नेताओं की सराहना करते हुए अभिषेक बनर्जी, महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी के संघर्षों का विशेष रूप से उल्लेख किया। ममता बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन और डोला सेन जैसे दिग्गज नेताओं के साथ पूरी रात कार्यक्रम स्थल पर डटी रहीं, जबकि पार्टी कार्यकर्ताओं ने सुबह तक मंच की पहरेदारी की।

मध्यरात्रि में मंच पर तोड़फोड़ का आरोप, भाजपा समर्थित गुंडों पर साधा निशाना

मध्यरात्रि के करीब कार्यक्रम स्थल से समर्थकों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 1993 की पुलिस गोलीबारी में मारे गए 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शहीदों के परिवारों को इस श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने से रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित असामाजिक तत्वों ने मुख्य मंच पर तोड़फोड़ की, बैनर फाड़े और माइक तथा बिजली के कनेक्शन काट दिए। ममता बनर्जी ने कहा कि एक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के नेतृत्व में भाजपा समर्थित गुंडों ने इस कायराना हमले को अंजाम दिया है, लेकिन टीएमसी कार्यकर्ता हर चुनौती का डटकर मुकाबला करेंगे।

 

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