व्यापार

ट्रम्प के एक फैसले से थमी युद्ध की आग: $88 के नीचे उतरा ब्रेंट क्रूड, जानिए क्या अब सस्ता होगा तेल?

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव कम होने के स्पष्ट संकेत मिलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी देखी जा रही है। वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) का भाव फिसलकर $88 प्रति बैरल के नीचे आ गया है, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत भी गिरकर लगभग $82 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रास्ते से विवाद सुलझाने की नई उम्मीदें जगी हैं। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि बातचीत को एक और मौका देने के उद्देश्य से उन्होंने ईरान के खिलाफ जारी बमबारी और सैन्य हमलों को रोकने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि तेहरान के साथ सकारात्मक दिशा में बातचीत चल रही है। हालांकि, कूटनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दोनों देशों के बीच अभी किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना बाकी है। इस पूरे महीने कच्चे तेल के दामों में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया था, जब वाशिंगटन और तेहरान का विवाद लाल सागर तक फैलने से दरें तेजी से बढ़ी थीं, लेकिन अब सैन्य गतिविधियों पर विराम लगने से कीमतें तेजी से नीचे आ रही हैं।

ओमान और ईरान के बीच तेहरान में अहम बैठक, समुद्री रास्तों को खोलने की पहल

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने वाले रणनीतिक जलमार्ग से तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने के लिए ईरान और ओमान के शीर्ष अधिकारियों के बीच गहन चर्चा चल रही है। यह समुद्री रास्ता सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के कुल दैनिक तेल परिवहन का लगभग 20% (पांचवां हिस्सा) संभालता है। मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ओमान और ईरान के वरिष्ठ सैन्य व प्रशासनिक अधिकारियों की सप्ताहांत में तेहरान में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई है। अगर ओमान की मध्यस्थता में यह व्यवस्था प्रभावी साबित होती है, तो अमेरिका और ईरान अपने पुराने मतभेदों को दूर करने के लिए औपचारिक वार्ता की मेज पर लौट सकते हैं। इस सकारात्मक माहौल के बीच, ईरानी सेना ने भी आधिकारिक ऐलान किया है कि उसने इस क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैनिकों और उनके सैन्य अड्डों पर अपनी ओर से की जाने वाली सभी जवाबी कार्रवाइयों को फिलहाल पूरी तरह रोक दिया है।

कजाकिस्तान टर्मिनल पर फिर शुरू हुई लोडिंग, सप्लाई चेन की दिक्कतें हुईं दूर

कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय भाव में आई इस गिरावट के पीछे सिर्फ मध्य पूर्व की शांति ही नहीं, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति में हुआ सुधार भी एक बड़ा कारण है। हाल ही में यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण कजाकिस्तान के मुख्य एक्सपोर्ट टर्मिनल पर जो रुकावट पैदा हुई थी, वह अब दूर कर ली गई है। कजाकिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, रूस के नोवोरोस्सिय्स्क पोर्ट के पास स्थित 'कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम' (CPC) फैसिलिटी में दो विशाल तेल टैंकरों की लोडिंग प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है। इस सप्लाई के शुरू होने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की किल्लत की आशंका खत्म हो गई है, जिससे आने वाले दिनों में तेल की वैश्विक कीमतों में और अधिक स्थिरता और राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Back to top button