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Ayushman Card Data Mismatch: आधार और राशन कार्ड में नाम-उम्र अलग होने से अटका है 5 लाख का मुफ्त इलाज? मिनटों में ऐसे करें ऑनलाइन सुधार

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) देश के करोड़ों आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के कैशलेस और मुफ्त इलाज की सुविधा सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में मिलती है। हालांकि, मौजूदा समय में लाखों लाभार्थियों के सामने सबसे बड़ी अड़चन 'डेटा मिसमैच' (Data Mismatch) की आ रही है। जब किसी लाभार्थी का नाम, जन्मतिथि, लिंग या पारिवारिक संबंध आधार कार्ड और राशन कार्ड (या SECC-2011 डेटाबेस) में एक समान नहीं होते, तो नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) का डिजिटल सिस्टम आवेदन को ऑटोमेटिक रूप से रिजेक्ट या होल्ड पर डाल देता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर सहित देश भर के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यदि आपका या आपके परिवार के किसी सदस्य का आयुष्मान कार्ड भी इसी तकनीकी खामी की वजह से नहीं बन पा रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य प्राधिकरण ने अब इसके समाधान के लिए ऑनलाइन Re-eKYC और डेटा संशोधन की बेहद आसान व्यवस्था शुरू कर दी है।

डेटा मिसमैच होने के मुख्य कारण और सिस्टम रिजेक्शन का तकनीकी गणित

आयुष्मान कार्ड की पूरी सत्यापन प्रणाली बायोमेट्रिक और डेमोग्राफिक डेटा पर आधारित है। जब कोई नागरिक कार्ड बनवाने के लिए आवेदन करता है, तो सॉफ्टवेयर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) राशन कार्ड पोर्टल और यूआईडीएआई (UIDAI) के आधार डेटाबेस का मिलान करता है। इस मिलान प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर 'मैचिंग स्कोर' तय करता है। यदि दोनों दस्तावेजों के बीच जानकारी का मिलान 80 प्रतिशत से कम होता है, तो सिस्टम आवेदन को आगे नहीं बढ़ाता। आमतौर पर यह विसंगति तब उत्पन्न होती है जब आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग अंग्रेजी में अलग हो और राशन कार्ड में हिंदी अनुवाद के कारण अलग दर्ज हो गई हो। इसके अलावा, कई पुराने राशन कार्डों में केवल जन्म का वर्ष लिखा होता है, जबकि आधार कार्ड में पूरी जन्मतिथि (दिन, महीना, वर्ष) दर्ज होती है। महिलाओं के मामले में शादी के बाद उपनाम (सरनेम) बदलने या पिता के नाम की जगह पति का नाम अपडेट होने पर भी डेटाबेस में विसंगति आ जाती है।

Beneficiary Portal से Re-eKYC करने की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने नागरिकों की सुविधा के लिए आधिकारिक पोर्टल beneficiary.nha.gov.in को पूरी तरह अपडेट कर दिया है। अब कोई भी व्यक्ति बिना किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटे अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर से घर बैठे सुधार कर सकता है। सबसे पहले पोर्टल पर जाएं और 'Beneficiary' विकल्प का चयन करें। अपना 10 अंकों का सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करें और उस पर आने वाले ओटीपी के जरिए लॉगिन करें। इसके बाद स्क्रीन पर ड्रॉपडाउन मेनू से अपना राज्य, योजना (PMJAY), अपना गृह जिला और सर्च विकल्प (Aadhaar Number या Family ID/Ration Card) चुनें। सर्च करते ही परिवार के सभी सदस्यों की सूची खुल जाएगी। जिस सदस्य के नाम के आगे कार्ड का स्टेटस 'Not Generated' या पीला निशान आ रहा हो, उसके सामने दिए गए 'e-KYC' अथवा 'Re-do e-KYC' के आइकन पर क्लिक करें। यहां ऑथेंटिकेशन के लिए आधार ओटीपी का विकल्प चुनें। आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए 6 अंकों के ओटीपी को दर्ज करते ही स्क्रीन पर आधार कार्ड से ली गई आपकी सही फोटो, पूरा नाम, लिंग और जन्मतिथि स्वतः प्रदर्शित हो जाएगी। इसके बाद सिस्टम आपके चेहरे की एक लाइव फोटो वेबकैम या फोन कैमरे के जरिए खींचने को कहेगा। फोटो कैप्चर करने के बाद अपना मोबाइल नंबर, पिन कोड, जन्म का वर्ष और परिवार के मुखिया से सही संबंध दर्ज कर 'सबमिट' बटन पर क्लिक करें।

Ayushman App और फेस ऑथेंटिकेशन से सेकंडों में समाधान

जिन लाभार्थियों के आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक नहीं है या जिनका फिंगरप्रिंट घिस जाने के कारण बायोमेट्रिक मशीन पर काम नहीं करता, उनके लिए 'Ayushman App' एक वरदान साबित हो रहा है। गूगल प्ले स्टोर से आयुष्मान ऐप डाउनलोड करके 'लॉगिन एज बेनिफिशियरी' का विकल्प चुनें। ऐप में लॉगिन करने के बाद परिवार का विवरण खोजें और 'Re-eKYC' पर जाएं। प्रमाणीकरण के विकल्पों में 'Face Auth' (चेहरा प्रमाणीकरण) का चयन करें। इसके लिए फोन में 'AadhaarFaceRd' ऐप का इंस्टॉल होना अनिवार्य है। जैसे ही आप फेस स्कैन पर क्लिक करेंगे, फोन का फ्रंट कैमरा चालू हो जाएगा। कैमरे के सामने पलकें झपकाते ही आपका चेहरा यूआईडीएआई के सर्वर से सत्यापित हो जाएगा। चेहरा प्रमाणित होते ही सिस्टम आपके आधार कार्ड के मूल डेटा को आयुष्मान रिकॉर्ड के साथ सिंक (Sync) कर देगा और डेटा मिसमैच की समस्या जड़ से समाप्त हो जाएगी।

जब नाम पूरी तरह अलग हो: ऑफलाइन दस्तावेज और सुधार के रास्ते

कई मामलों में समस्या सामान्य स्पेलिंग की न होकर नाम के पूरी तरह अलग होने की होती है। उदाहरण के लिए, राशन कार्ड में नाम 'गुडिया' दर्ज है और आधार कार्ड में 'सुनीता'। ऐसे मामलों में ऑनलाइन ऑटो-अप्रूवल काम नहीं करता क्योंकि सिस्टम इसे दो अलग व्यक्ति मान लेता है। यदि आपके साथ भी ऐसी गंभीर विसंगति है, तो आपको ऑफलाइन प्रक्रिया अपनानी होगी। इसके लिए अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), सरकारी जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्थापित 'आयुष्मान मित्र' काउंटर या मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय से संपर्क करना होगा। वहां आपको मूल आधार कार्ड, मूल राशन कार्ड, वोटर आईडी या ग्राम प्रधान/पार्षद द्वारा प्रमाणित पहचान पत्र प्रस्तुत करना होता है। आयुष्मान मित्र इन दस्तावेजों को स्कैन करके डिस्ट्रिक्ट अप्रूविंग अथॉरिटी (DAA) को विशेष अनुमोदन के लिए भेजते हैं, जहां संबंधित नोडल अधिकारी मैनुअल जांच के बाद कार्ड जारी करने की अनुमति प्रदान करते हैं।

पहले आधार सुधारें या राशन कार्ड? सही रणनीति समझें

डेटा मिसमैच को ठीक करते समय अक्सर लोग भ्रमित हो जाते हैं कि उन्हें पहले कौन सा दस्तावेज सही कराना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, आयुष्मान भारत पोर्टल पूरी तरह आधार-केंद्रित (Aadhaar-centric) है। इसका अर्थ यह है कि पोर्टल पर वही जानकारी अंतिम मानी जाती है जो आपके आधार कार्ड में दर्ज है। यदि आपके आधार कार्ड में नाम या जन्मतिथि गलत है, तो सबसे पहले यूआईडीएआई के नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाकर आधार को सही करवाएं। यदि आधार कार्ड में सभी विवरण सही हैं और गलती केवल राशन कार्ड में है, तो खाद्य एवं रसद विभाग (FCS) के राज्य पोर्टल पर जाकर या नजदीकी खाद्य आपूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) कार्यालय में आवेदन देकर राशन कार्ड में संशोधन कराएं। जब दोनों मूल दस्तावेजों में वर्तनी (Spelling) और जन्मतिथि एक जैसी हो जाएगी, तो आयुष्मान पोर्टल पर किया गया Re-eKYC बिना किसी मानवीय रुकावट के मात्र 24 घंटे के अंदर स्वीकृत हो जाएगा।

आवेदन की स्थिति की जांच और डिजिटल कार्ड डाउनलोडिंग

Re-eKYC की प्रक्रिया सफलता पूर्वक पूरी करने के बाद आपको एक संदर्भ संख्या (Reference Number) प्राप्त होती है। सामान्यतः मामूली सुधार वाले मामलों में अनुमोदन तुरंत या अधिकतम 48 से 72 घंटों के भीतर मिल जाता है। अपने आवेदन की स्थिति जांचने के लिए दोबारा beneficiary.nha.gov.in पोर्टल पर जाएं और अपने आधार नंबर से लॉगिन करके परिवार की सूची देखें। जब सदस्य के नाम के आगे हरे रंग में 'Approved' लिखा आ जाए, तो समझ लें कि सुधार मान्य हो गया है। इसके बाद वहीं दिए गए 'Download Card' विकल्प पर क्लिक करें। आपका नया, बारकोड और क्यूआर कोड से लैस डिजिटल आयुष्मान पीवीसी कार्ड पीडीएफ प्रारूप में डाउनलोड हो जाएगा। इस कार्ड का प्रिंटआउट निकालकर आप देश के किसी भी इम्पैनल्ड अस्पताल में तुरंत 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी प्रकार की तकनीकी रुकावट या शिकायत की स्थिति में राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14555 या 1800-111-565 पर सीधे संपर्क कर सहायता ली जा सकती है।

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