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HDFC Bank Loan Rate Cut: HDFC बैंक ने सस्ता किया कर्ज, MCLR में 10 BPS तक की कटौती; जानें आपकी होम व कार लोन EMI पर क्या पड़ेगा असर

देश के अग्रणी निजी बैंक, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 5 से 10 बेसिस प्वाइंट्स (0.05% से 0.10%) की कटौती करने की घोषणा की है। बैंक द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, संशोधित ब्याज दरें 7 सितंबर 2026 से प्रभावी हो चुकी हैं।

इस नई कटौती के बाद बैंक की विभिन्न अवधियों की MCLR दरें अब 7.90% से 8.60% के दायरे में आ गई हैं, जो पहले 8.00% से 8.65% के बीच थीं। बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक द्वारा फंड जुटाने की लागत (Cost of Funds) में सुधार आने के बाद यह फैसला लिया गया है, जिसका सीधा लाभ उन फ्लोटिंग रेट कर्जदारों को मिलेगा जिनके लोन MCLR बेंचमार्क से जुड़े हुए हैं।

अवधिवार संशोधित MCLR दरें: 1 साल का बेंचमार्क घटकर 8.35% हुआ

एचडीएफसी बैंक ने अलग-अलग लोन टेन्योर के हिसाब से ब्याज दरों में समायोजन किया है। अधिकांश रिटेल लोन (जैसे होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन) 1-वर्षीय MCLR से जुड़े होते हैं:

  • ओवरनाइट व 1-महीना MCLR: 10 बेसिस प्वाइंट की कटौती के साथ 8.00% से घटकर 7.90% पर आ गई है।

  • 3-महीने की MCLR: 10 बीपीएस की कमी के बाद 8.15% से घटकर 8.05% हो गई है।

  • 6-महीने की MCLR: 5 बेसिस प्वाइंट की कटौती के साथ 8.30% से 8.25% रह गई है।

  • 1-वर्षीय MCLR: 5 बीपीएस की कटौती के बाद 8.40% से घटकर 8.35% हो गई है।

  • 2-वर्षीय MCLR: 10 बीपीएस घटकर 8.55% से 8.45% पर आ गई है।

  • 3-वर्षीय MCLR: 5 बीपीएस की कटौती के साथ 8.65% से घटकर 8.60% तय की गई है।

लोन अवधि (Tenure) पुरानी दर (अगस्त 2026) नई संशोधित दर (7 सितंबर 2026 से) शुद्ध कटौती
Overnight 8.00% 7.90% -0.10% (10 bps)
1 Month 8.00% 7.90% -0.10% (10 bps)
3 Months 8.15% 8.05% -0.10% (10 bps)
6 Months 8.30% 8.25% -0.05% (5 bps)
1 Year 8.40% 8.35% -0.05% (5 bps)
2 Years 8.55% 8.45% -0.10% (10 bps)
3 Years 8.65% 8.60% -0.05% (5 bps)

आपकी लोन EMI पर क्या होगा असर? समझें रीसेट पीरियड का गणित

ब्याज दरों में कटौती की खबर सुनते ही अक्सर कर्जदार उम्मीद करते हैं कि अगले ही महीने से उनकी मासिक किस्त (EMI) घट जाएगी। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव लोन की शर्तों और रीसेट क्लॉज (Reset Clause) पर निर्भर करता है:

  1. तत्काल कम नहीं होगी EMI: MCLR आधारित लोन में एक निर्धारित 'रीसेट डेट' (Reset Date) होती है, जो अमूमन 6 महीने या 1 साल की होती है। उदाहरण के लिए, यदि आपके होम लोन की अगली रीसेट डेट जनवरी 2027 है, तो आपको नई घटी हुई दर का फायदा जनवरी 2027 से ही मिलेगा, तुरंत सितंबर से नहीं।

  2. EMI घटेगी या लोन अवधि? अधिकांश बैंक ब्याज दर कम होने पर ग्राहकों की मासिक ईएमआई राशि को स्थिर रखते हुए लोन की कुल अवधि (Tenure) घटा देते हैं। यदि कोई ग्राहक अपनी ईएमआई घटाना चाहता है, तो उसे बैंक शाखा में आवेदन देकर अपनी ईएमआई को री-कैलकुलेट कराना होता है।

  3. कितनी होगी बचत? यदि किसी ग्राहक का 30 लाख रुपये का होम लोन 20 वर्ष के लिए 1-वर्षीय MCLR पर है और उसकी ब्याज दर में 5 बेसिस प्वाइंट (0.05%) की कमी आती है, तो पूरी अवधि के दौरान कुल ब्याज में लगभग 22,000 से 25,000 रुपये तक की बचत हो सकती है।

क्या नए होम लोन और EBLR वाले ग्राहकों को मिलेगा इसका फायदा?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, 1 अक्टूबर 2019 के बाद जारी किए गए सभी नए फ्लोटिंग रेट रिटेल लोन (होम लोन, ऑटो लोन आदि) अनिवार्य रूप से एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR/Repo Linked Lending Rate) से जुड़े होते हैं।

यदि आपका लोन सीधे आरबीआई के रेपो रेट (Repo Rate) से लिंक है, तो MCLR में हुई इस कटौती का आपकी ब्याज दर पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। यह कटौती मुख्य रूप से उन पुराने ग्राहकों के लिए फायदेमंद है, जिन्होंने 2016 से 2019 के बीच लोन लिया था और अपने लोन को अभी तक रेपो-लिंक्ड सिस्टम में स्विच नहीं कराया है।

बेस रेट और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दरों की स्थिति

एचडीएफसी बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसका बेस रेट 8.70% पर स्थिर है। वहीं, बैंक का बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट (BPLR) 17.20% प्रति वर्ष है।

बैंक द्वारा दी जा रही फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की दरों में इस कटौती से कोई बदलाव नहीं हुआ है। सामान्य नागरिकों के लिए एफडी पर 2.75% से 6.50% और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 3.25% से 7.00% की ब्याज दरें पहले की तरह जारी रहेंगी।

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