आंखें नम, आवाज़ भारी… KBC के सेट पर जब अमिताभ बच्चन ने अपने ‘धरम’ को याद किया और ‘शोले’ का वो राज खोला जो कोई नहीं जानता था

‘कौन बनेगा करोड़पति’का सेट,जहां हर दिन ज्ञान और उत्साह का माहौल होता है,उस दिन अचानक खामोश और भावुक हो गया। वजह थे सदी के महानायक अमिताभ बच्चन,जो अपने जिगरी दोस्त,अपने भाई,अपने “धरम पाजी” यानी स्वर्गीय धर्मेंद्र को याद कर रहे थे।शो में धर्मेंद्र जी और उनकी आखिरी फिल्म’इक्कीस’को एक बहुत ही सुंदर और भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर बिग बी ने अपने दोस्त से जुड़ी कुछ ऐसी यादें और बातें साझा कीं,जिन्हें सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।”धरम सिर्फ एक इंसान नहीं,एक अहसास थे”धर्मेंद्र जी की आखिरी फिल्म’इक्कीस’के बारे में बात करते हुए अमिताभ बच्चन की आवाज़ भारी हो गई। उन्होंने कहा,”फिल्म’इक्कीस’हम सबके लिए उनकी आखिरी अनमोल निशानी है… एक सच्चा कलाकार अपनी आखिरी सांस तक बस काम करना चाहता है,और मेरे दोस्त,मेरे धरम… उन्होंने ठीक यही किया।”इसके बाद उन्होंने जो कहा,उसने हर किसी के दिल को छू लिया:”धरम सिर्फ एक इंसान नहीं थे,वो एक अहसास थे… और अहसास आपको कभी छोड़कर नहीं जाते। वो एक याद बन जाते हैं,एक आशीर्वाद,जो आपको आगे बढ़ने की हिम्मत देता है।”फिल्म’इक्कीस’के डायरेक्टरश्रीराम राघवनऔर एक्टरजयदीप अहलावतने भी धर्मेंद्र जी के साथ काम करने के अपने अनुभव साझा किए। जयदीप ने कहा, “सेट पर कभी ऐसा लगा ही नहीं कि कोई सुपरस्टार हमारे साथ बैठा है,वो बिल्कुल परिवार के सदस्य जैसे थे।”जब अमिताभ बच्चन ने खोला’शोले’का वो दर्दनाक राजबातें जब पुरानी यादों की हों,तो’शोले’का जिक्र कैसे न हो?बिग बी ने’शोले’के सेट का एक ऐसा अनसुना किस्सा सुनाया,जो धर्मेंद्र जी की ताकत और उनकी शख्सियत को बयां करता है।अमिताभ बच्चन ने याद करते हुए कहा,”हम बेंगलुरु में शूटिंग कर रहे थे। उनमें गजब की शारीरिक ताकत थी… वो एक पहलवान थे,एक हीरो। मौत वाले सीन में,जब वो मुझे पकड़ते हैं,तो परदे पर जो पीड़ा दिखाई दी,वो असली थी! क्योंकि उन्होंने मुझे इतनी मजबूती से जकड़ लिया था कि मेरा वो दर्द अपने आप एक्टिंग में बदल गया।”यह सिर्फ एक किस्सा नहीं,बल्कि दो जिगरी दोस्तों के बीच के गहरे रिश्ते और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की कहानी है,जिसे अमिताभ बच्चन ने केबीसी के मंच से पूरी दुनिया के साथ साझा किया।