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Solar Camera for Farms: खेतों की निगरानी अब मोबाइल पर; न बिजली की जरूरत न वाई-फाई, सोलर 4G कैमरा की कीमत और टॉप फीचर्स जानें

भारतीय किसानों के लिए खेत में लहलहाती फसल को आवारा पशुओं, जंगली जानवरों और उपद्रवी तत्वों से बचाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। अक्सर खेत घर या गांव से दूर होते हैं, जहां न तो बिजली का तार पहुंच पाता है और न ही ब्रॉडबैंड वाई-फाई की सुविधा होती है। ऐसे में रात-बिरात खेतों में जाकर रखवाली करना किसानों की सुरक्षा के लिहाज से भी जोखिम भरा रहता है। हालांकि, आधुनिक टेक्नोलॉजी ने अब किसानों की इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाल लिया है। बाजार में आए आधुनिक '4G सोलर सीसीटीवी कैमरे' (Solar 4G CCTV Camera) के जरिए किसान अपने घर बैठे ही स्मार्टफोन की स्क्रीन पर खेत का चप्पा-चप्पा 24 घंटे लाइव देख सकते हैं। बिना बिजली और बिना ब्रॉडबैंड के चलने वाला यह डिवाइस खेती-किसानी में सुरक्षा का नया गेम-चेंजर साबित हो रहा है।

न बिजली का तार, न वाई-फाई: कैसे काम करता है सोलर 4G कैमरा?

पारंपरिक सीसीटीवी कैमरों को चलाने के लिए लगातार 220V बिजली और वाई-फाई राउटर की आवश्यकता होती है। लेकिन खेतों के लिए डिजाइन किए गए सोलर कैमरों का सिस्टम पूरी तरह आत्मनिर्भर होता है:

  • सोलर पैनल और इन-बिल्ट बैटरी: कैमरे के ऊपर या उसके साथ एक कॉम्पैक्ट सोलर पैनल (5W से 10W) लगा होता है। दिन के समय सूरज की रोशनी से इसकी इन-बिल्ट लीथियम-आयन बैटरी (8000mAh से 15000mAh तक) चार्ज होती रहती है। एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद यह कैमरा लगातार 3 से 5 दिनों तक बिना धूप के भी काम कर सकता है।

  • 4G सिम कार्ड स्लॉट: कैमरे के भीतर सामान्य मोबाइल फोन की तरह एक 4G सिम कार्ड स्लॉट होता है। इसमें जियो, एयरटेल या वीआई (Vi) का कोई भी बेसिक डेटा सिम लगाया जा सकता है। सिम के इंटरनेट नेटवर्क के जरिए कैमरा सीधे किसान के मोबाइल ऐप से कनेक्ट हो जाता है।

4G सोलर कैमरे के धांसू फीचर्स: जो इसे बनाते हैं खेत का असली पहरेदार

खेतों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इन कैमरों में कई उन्नत और व्यावहारिक फीचर्स दिए गए हैं:

  • 360 डिग्री पीटीजेड रोटेशन (PTZ Control): मोबाइल ऐप के जरिए किसान घर बैठे ही कैमरे को 355 डिग्री दाएं-बाएं और 90 डिग्री ऊपर-नीचे घुमाकर खेत का पूरा विहंगम दृश्य देख सकते हैं।

  • कलर नाइट विजन (Color Night Vision): रात के घने अंधेरे में भी यह कैमरा ब्लैक एंड व्हाइट के बजाय बिल्कुल साफ और रंगीन वीडियो रिकॉर्ड करता है। इसमें लगी इन्फ्रारेड और एलईडी फ्लड लाइट्स रात में 30 से 50 मीटर दूर तक साफ फुटेज देती हैं।

  • एआई ह्यूमन व मोशन डिटेक्शन (AI Motion Alert): जैसे ही कोई इंसान, आवारा मवेशी या जंगली जानवर खेत की बाड़ के आसपास आता है, कैमरे का पीआईआर (PIR) मोशन सेंसर तुरंत एक्टिव हो जाता है। यह किसान के मोबाइल पर सायरन नोटिफिकेशन भेज देता है।

  • टू-वे ऑडियो और लाउड सायरन (Two-Way Talk): कैमरे में माइक और लाउडस्पीकर दोनों लगे होते हैं। यदि कोई जानवर या संदिग्ध व्यक्ति खेत में घुसता है, तो किसान अपने फोन से बोलकर उसे चेतावनी दे सकता है या कैमरे से तीखा अलार्म सायरन बजाकर जानवरों को भगा सकता है।

  • वाटरप्रूफ और रफ-टफ (IP66 Weatherproof): यह कैमरा धूल, आंधी, भीषण धूप और मूसलाधार बारिश को आसानी से झेलने के लिए IP65/IP66 वेदरप्रूफ रेटिंग के साथ आता है।

  • लोकल एसडी कार्ड और क्लाउड स्टोरेज: फुटेज को रिकॉर्ड करने के लिए कैमरे में 128GB या 256GB तक का माइक्रो एसडी कार्ड लगाया जा सकता है, जिससे कई हफ्तों की पुरानी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहती है।

कीमत और बजट: बाजार में कितने का मिलता है यह कैमरा?

भारतीय बाजार और ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (Amazon, Flipkart आदि) पर 4G सोलर कैमरों की कीमतें उनके लेंस और बैटरी कैपेसिटी के आधार पर अलग-अलग हैं:

  • बेसिक सिंगल लेंस 4G सोलर कैमरा: ₹3,500 से ₹4,500 के बीच

  • डुअल/ट्रिपल लेंस (Dual/Triple Lens PTZ) कैमरा: ₹5,000 से ₹7,500 के बीच (इसमें एक लेंस फिक्स रहता है और दूसरा 360 डिग्री घूमता है)

  • हैवी ड्यूटी कमर्शियल सोलर सिक्योरिटी सेटअप: ₹8,000 से ₹12,000 के दायरे में

एक बार ₹4,000 से ₹6,000 का निवेश करने के बाद किसान को केवल सिम कार्ड में हर महीने ₹150 से ₹200 का सामान्य डेटा रिचार्ज कराना होता है।

खेत में कैमरा लगाते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

कैमरे से बेहतर परफॉर्मेंस और लंबी लाइफ पाने के लिए किसानों को कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • सोलर पैनल की दिशा: सोलर पैनल को हमेशा दक्षिण (South) दिशा की ओर थोड़ा झुकाकर लगाएं, ताकि सुबह से शाम तक उस पर सीधी और अधिकतम धूप पड़े।

  • ऊंचाई का चयन: कैमरे को खेत के बीच में या बोरवेल/कमरे की छत पर कम से कम 10 से 15 फीट ऊंचे पोल (खंभे) पर कसें, ताकि कोई असामाजिक तत्व कैमरे को नुकसान न पहुंचा सके और खेत का कवरेज दायरा भी बड़ा मिले।

  • सिम नेटवर्क की जांच: जिस टेलीकॉम कंपनी (Airtel या Jio) का 4G नेटवर्क आपके खेत में सबसे मजबूत सिग्नल देता हो, उसी कंपनी का सिम कार्ड कैमरे में इस्तेमाल करें ताकि वीडियो लैग न करे।

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