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स्क्वॉट्स या वॉकिंग, तेजी से वजन घटाने के लिए कौन सा है सबसे असरदार? जानिए फिटनेस एक्सपर्ट्स की राय

वजन घटाने की यात्रा जब शुरू होती है, तो सबसे पहला सवाल यही सामने आता है कि आखिर कौन सी एक्सरसाइज सबसे ज्यादा फायदेमंद है। लोग अक्सर इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि वे रोजाना लंबी सैर (वॉकिंग) करें या फिर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के तहत स्क्वॉट्स (Squats) लगाना शुरू करें। दोनों ही वर्कआउट अपनी जगह बेहद लोकप्रिय हैं और सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं, लेकिन जब बात तेजी से कैलोरी बर्न करने और फैट लॉस की आती है, तो दोनों के असर में थोड़ा अंतर होता है। आइए फिटनेस एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि वजन घटाने के लिहाज से स्क्वॉट्स और वॉकिंग में से कौन सा विकल्प ज्यादा बेहतर साबित होता है।

वॉकिंग: सुगम, सुरक्षित और कार्डियो का बेहतरीन जरिया

वॉकिंग यानी टहलना एक ऐसा व्यायाम है जिसे किसी भी उम्र का व्यक्ति बिना किसी विशेष उपकरण या ट्रेनिंग के आसानी से कर सकता है। यह एक बेहतरीन लो-इम्पैक्ट कार्डियो एक्सरसाइज है जो मुख्य रूप से दिल की सेहत को सुधारने, सहनशक्ति बढ़ाने और लंबे समय तक लगातार कैलोरी बर्न करने में मदद करती है। अगर आप रोजाना तेज गति से 45 से 60 मिनट वॉक करते हैं, तो यह शरीर में जमा अतिरिक्त कैलोरी को जलाने और वजन को नियंत्रित रखने में काफी मददगार साबित होती है। इसके साथ ही यह मानसिक तनाव को कम करने और मूड को फ्रेश करने का भी शानदार जरिया है।

स्क्वॉट्स: लोअर बॉडी को टोन करने और मसल्स बिल्डिंग का पावरहाउस

दूसरी ओर, स्क्वॉट्स एक कंपाउंड स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज है, जो मुख्य रूप से पैरों, कूल्हों (Glutes) और कोर की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है। स्क्वॉट्स करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह वर्कआउट खत्म होने के बाद भी काफी देर तक कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया (Afterburn Effect) को चालू रखता है, जिसे 'एक्सेस पोस्ट-एक्सरसाइज ऑक्सीजन कंजम्पशन' कहा जाता है। मांसपेशियों (Muscles) का निर्माण होने से शरीर का बेसल मेटाबोलिक रेट (BMR) बढ़ जाता है, जिसका मतलब है कि आप आराम करते वक्त भी ज्यादा कैलोरी खर्च करते हैं।

वजन घटाने के लिए कौन सा है ज्यादा बेहतर?

अगर सीधे शब्दों में तुलना की जाए, तो वॉकिंग उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो फिटनेस की शुरुआत कर रहे हैं या जोड़ों पर बिना दबाव डाले कैलोरी बर्न करना चाहते हैं। वहीं, अगर आपका लक्ष्य शरीर को जल्दी टोन करना, बैली फैट घटाना और मेटाबॉलिज्म को तेजी से बूस्ट करना है, तो स्क्वॉट्स ज्यादा असरदार साबित होते हैं। स्क्वॉट्स कम समय में ज्यादा तीव्रता से कैलोरी बर्न करते हैं और शरीर को एक सुडौल आकार देते हैं, जबकि वॉकिंग स्टेमिना और सहनशक्ति को मजबूत करती है।

दोनों का सही संयोजन है असली सफलता की कुंजी

फिटनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि वजन घटाने के लिए केवल किसी एक को चुनना जरूरी नहीं है, बल्कि दोनों का सही संतुलन सबसे अच्छा परिणाम देता है। आप अपने डेली रूटीन में सुबह या शाम को तेज वॉकिंग को शामिल कर सकते हैं, और हफ्ते में 3 से 4 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के रूप में स्क्वॉट्स के कुछ सेट लगा सकते हैं। इस तरह के कॉम्बिनेशन से न केवल आपका वजन तेजी से घटेगा, बल्कि आपकी मांसपेशियां भी मजबूत बनेंगी और शरीर में लचीलापन बना रहेगा।

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