मनोरंजन

आँखों में आंसू और पिता की यादें धर्मेंद्र की अंतिम फिल्म Ikkis देखने जब सपरिवार पहुँचे बॉबी देओल

News India Live, Digital Desk : सिनेमा की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो कभी धुंधले नहीं पड़ते। हमारे चहेते ‘ही-मैन’ यानी धर्मेंद्र एक ऐसा ही नाम हैं, जिन्होंने दशकों तक हमें हँसाया, रुलाया और खूब मनोरंजन किया। लेकिन वक्त का पहिया कब घूम जाता है, पता ही नहीं चलता। हाल ही में एक ऐसा मौका आया जिसने हर सिने प्रेमी की आँखें नम कर दीं। मौका था धर्मेंद्र की आख़िरी फिल्म ‘इक्कीस’ (Ikkis) की स्पेशल स्क्रीनिंग का।इस खास मौके पर धर्मेंद्र के बेटे, जिन्हें आजकल लोग प्यार से ‘लॉर्ड बॉबी’ कह रहे हैं, अपने पूरे परिवार के साथ नज़र आए। लेकिन इस बार बॉबी के चेहरे पर वो ‘एनिमल’ वाली आक्रामकता नहीं, बल्कि एक बेटे की सिसकती हुई यादें और सम्मान साफ झलक रहा था।पिता की विरासत को सलामबॉबी देओल जब अपनी पत्नी तान्या देओल और अपने दोनों बेटों के साथ स्क्रीनिंग पर पहुँचे, तो वहां मौजूद हर इंसान खामोश हो गया। एक बड़े सुपरस्टार का बेटा होने से पहले, बॉबी उस समय सिर्फ़ एक ऐसे बेटे लग रहे थे जो अपने पिता की आखिरी मेहनत को अपनी आँखों में बसा लेना चाहता हो। उनके दोनों बेटे भी अपने दादा की अंतिम फिल्म के मौके पर काफी गंभीर और सादगे भरे अंदाज़ में दिखे।धर्मेंद्र और उनकी आख़िरी फिल्म ‘इक्कीस’श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी फिल्म ‘इक्कीस’ को लेकर पहले से ही काफी चर्चा थी। लेकिन धरम पाजी का इसमें होना इस फिल्म को सिर्फ़ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक भावनाओं का दरिया बना देता है। लोगों का कहना है कि स्क्रीन पर जब धर्मेंद्र नज़र आते हैं, तो ऐसा लगता है मानो समय ठहर गया हो। बॉबी देओल के लिए भी ये अनुभव किसी इबादत से कम नहीं था कि वह अपने बच्चों को उनके दादा का वो जादू बड़े पर्दे पर आख़िरी बार दिखा रहे थे।सोशल मीडिया पर उमड़ा प्यारजैसे ही इस स्क्रीनिंग के वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट पर आईं, फैंस की भावनाएं फूट पड़ीं। कोई उन्हें ‘लिविंग लेजेंड’ कह रहा है तो कोई कह रहा है कि “धरम जी जैसा न कोई था और न कोई होगा।” लोगों ने बॉबी देओल की भी तारीफ की कि जिस तरह से वह अपने परिवार के साथ मिलकर अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है।वो खौफ, वो चमक और वो एहसासअक्सर देखा जाता है कि फ़िल्मी दुनिया की भागदौड़ में लोग अपनों को भूल जाते हैं, लेकिन देओल परिवार ने हमेशा साबित किया है कि उनके लिए ‘परिवार’ ही सबसे पहले है। बॉबी की आँखों की नमी ये बताने के लिए काफी थी कि धर्मेंद्र उनके लिए सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि उनका पूरा ब्रह्मांड थे।हकीकत ये है कि ‘इक्कीस’ जैसी फिल्में रोज़-रोज़ नहीं बनतीं। ये वो यादें हैं जो हमारे दिल में हमेशा महफूज रहेंगी। अगर आप भी धर्मेंद्र के फैन हैं, तो इस फिल्म और बॉबी देओल के इस खूबसूरत अंदाज़ को देखकर आपका भी दिल भर आएगा। आखिर में बस यही कह सकते हैं “शुक्रिया धरम जी, इतने साल हमारा मनोरंजन करने के लिए!”

Back to top button