कतर की किस्मत बदलने वाले पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा का निधन, तख्तापलट कर ली थी सत्ता की कमान

वैश्विक राजनीति और मिडिल ईस्ट से एक बेहद बड़ी खबर सामने आ रही है। कतर को एक छोटे से गुमनाम देश से दुनिया का सबसे अमीर और आधुनिक देश बनाने वाले पूर्व अमीर (शासक) शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से पूरे खाड़ी देशों (Gulf Countries) सहित वैश्विक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। शेख हमद को आधुनिक कतर का निर्माता माना जाता है, जिन्होंने अपने विजन और फैसलों से न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि कतर को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का एक बड़ा केंद्र भी बना दिया।
साल 1995 का वो ऐतिहासिक तख्तापलट जिसने बदल दिया कतर का इतिहास
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के सत्ता में आने की कहानी बेहद नाटकीय और ऐतिहासिक रही है। साल 1995 में जब उनके पिता देश से बाहर स्विट्जरलैंड की यात्रा पर थे, तब शेख हमद ने एक रक्तहीन तख्तापलट (Bloodless Coup) के जरिए कतर की सत्ता अपने हाथों में ले ली थी। उस समय कतर की आर्थिक स्थिति आज जैसी मजबूत नहीं थी। सत्ता संभालने के बाद उन्होंने देश के प्राकृतिक संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर एक नई और आक्रामक नीति अपनाई, जिसने आने वाले दशकों में देश की पूरी तस्वीर को बदलकर रख दिया।
लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के दम पर कतर को बनाया दुनिया का सबसे अमीर देश
शेख हमद की सबसे बड़ी कामयाबी कतर के विशाल प्राकृतिक गैस भंडार (Natural Gas Reserves) को पहचानना और उसका सही इस्तेमाल करना था। उनके नेतृत्व में कतर ने लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के उत्पादन और निर्यात में भारी निवेश किया। देखते ही देखते कतर दुनिया का सबसे बड़ा LNG निर्यातक देश बन गया। इस गैस क्रांति ने कतर के नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय को दुनिया में सबसे ऊंचा बना दिया और एक छोटे से मरुस्थलीय देश को दुनिया के सबसे अमीर और शक्तिशाली देशों की कतार में ला खड़ा किया।
ग्लोबल मीडिया नेटवर्क अल जजीरा की शुरुआत और कूटनीति में दबदबा
शेख हमद सिर्फ आर्थिक सुधारों तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने कतर को वैश्विक मंच पर एक बड़ी पहचान दिलाई। साल 1996 में उन्होंने प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय न्यूज चैनल 'अल जजीरा' (Al Jazeera) की स्थापना की, जिसने मिडिल ईस्ट और दुनिया भर की पत्रकारिता का रुख बदल दिया। इसके साथ ही उन्होंने कतर की एयरलाइंस 'कतर एयरवेज' को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ एयरलाइंस में शुमार कराया और खेल जगत में निवेश कर फीफा वर्ल्ड कप जैसे बड़े आयोजनों की नींव भी रखी। साल 2013 में उन्होंने स्वेच्छा से सत्ता अपने बेटे और वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी थी। उनके निधन के साथ ही मध्य पूर्व के इतिहास का एक बड़ा अध्याय समाप्त हो गया है।