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New Income Tax Rules 2026: आम आदमी को बड़ी राहत! गाड़ी, घर और होटल बिल पर PAN कार्ड की लिमिट बढ़ी; जानें 1 अप्रैल से क्या-क्या बदलेगा

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने टैक्स प्रणाली को सरल बनाने और आम आदमी को कागजी कार्रवाई से राहत देने के लिए New Income Tax Rules 2026 का ड्राफ्ट पेश कर दिया है। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले इन नियमों के तहत पैन कार्ड (PAN Card) की अनिवार्यता की सीमाओं में बड़े बदलाव किए गए हैं। अब छोटे ट्रांजैक्शन के लिए आपको बार-बार पैन कार्ड दिखाने की जरूरत नहीं होगी, जबकि बड़े वित्तीय लेनदेन पर सरकार की निगरानी और अधिक डिजिटल व सख्त हो जाएगी।सीबीडीटी (CBDT) द्वारा जारी यह ड्राफ्ट फिलहाल आम जनता और विशेषज्ञों की राय के लिए खुला है, जिसे मार्च के अंत तक अंतिम रूप दिया जा सकता है।बैंकिंग में राहत: अब ₹50,000 की डेली लिमिट का झंझट खत्मअभी तक बैंक में ₹50,000 से अधिक कैश जमा करने पर पैन कार्ड देना अनिवार्य था, लेकिन अब नियम ‘सालाना’ आधार पर होगा:नया नियम: अब साल भर में बैंक के सभी खातों से कुल ₹10 लाख से ज्यादा कैश जमा करने या निकालने पर ही पैन कार्ड की आवश्यकता होगी।फायदा: इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो छोटे-छोटे अंतराल पर कैश जमा करते हैं, लेकिन साल भर का टर्नओवर कम होता है।गाड़ी और प्रॉपर्टी खरीदना हुआ आसानमहंगाई और बढ़ते दामों को देखते हुए सरकार ने पैन कार्ड की लिमिट्स को दोगुना तक बढ़ा दिया है:टू-व्हीलर और कार: अब ₹5 लाख से कम कीमत की बाइक या कार खरीदने पर पैन कार्ड नहीं देना होगा। पहले यह नियम हर गाड़ी पर लागू था।प्रॉपर्टी डील: घर या प्लॉट की खरीद-बिक्री में अब पैन कार्ड की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख करने का प्रस्ताव है। यह मिडिल क्लास घर खरीदारों के लिए बड़ी राहत है।होटल बिल और इंश्योरेंस: यहाँ भी मिली छूटहोटल और इवेंट्स: अब होटल, बैंक्वेट हॉल या इवेंट मैनेजर को ₹1 लाख तक का भुगतान बिना पैन कार्ड के किया जा सकेगा। पहले यह सीमा मात्र ₹50,000 थी।इंश्योरेंस पॉलिसी: अब किसी भी इंश्योरेंस कंपनी के साथ रिश्ता (खाता) शुरू करते समय पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा, चाहे प्रीमियम की राशि कितनी भी हो। यह पारदर्शिता बढ़ाने के लिए किया गया है।क्रिप्टो और डिजिटल रुपया (CBDC) पर नजरड्राफ्ट नियमों में भविष्य की डिजिटल इकोनॉमी को भी शामिल किया गया है:क्रिप्टो एक्सचेंज: अब क्रिप्टो में होने वाले हर ट्रांजैक्शन की जानकारी एक्सचेंज को सीधे इनकम टैक्स विभाग के साथ साझा करनी होगी।डिजिटल रुपया: CBDC (Central Bank Digital Currency) को अब आधिकारिक तौर पर ‘इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट’ का दर्जा दिया गया है, जिससे डिजिटल लेनदेन को और मजबूती मिलेगी।कब से बदलेंगे नियम?नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 से जुड़े ये सभी नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे। सीबीडीटी फरवरी और मार्च के दौरान स्टेकहोल्डर्स के सुझावों पर विचार करेगा और मार्च की शुरुआत में फाइनल नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।

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