नोएडा में बवाल फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ और आगजनी के पीछे मजदूर बिगुल दस्ता’? पुलिस के राडार पर आया ये खतरनाक संगठन

News India Live, Digital Desk: दिल्ली से सटे नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में पिछले दिनों हुई भीषण हिंसा और तोड़फोड़ ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। फैक्ट्रियों में घुसकर मशीनें तोड़ने, आगजनी करने और काम रोक देने की इन घटनाओं के तार अब एक विशेष संगठन ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ से जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मजदूरों को भड़काने और शांतिपूर्ण माहौल को हिंसक बनाने में इस संगठन की सक्रिय भूमिका रही है। पुलिस अब इस संगठन के आकाओं की कुंडली खंगालने में जुट गई है।साजिश या गुस्सा? कैसे भड़की हिंसा की चिंगारीजांच में सामने आया है कि ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ के सदस्य पिछले काफी समय से नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में स्थित फैक्ट्रियों के बाहर सक्रिय थे। ये लोग मजदूरों के बीच जाकर उन्हें कम वेतन, खराब काम की स्थिति और अन्य अधिकारों के नाम पर लामबंद कर रहे थे। हालांकि, मामला तब बिगड़ गया जब विरोध प्रदर्शन ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। पुलिस को संदेह है कि इस भीड़ को जानबूझकर फैक्ट्रियों पर हमले के लिए उकसाया गया था, ताकि औद्योगिक शांति भंग की जा सके और दहशत का माहौल बनाया जा सके।पुलिस की रडार पर ‘दस्ता’ के सदस्य, छापेमारी जारीनोएडा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और पकड़े गए कुछ उपद्रवियों से पूछताछ के बाद इस संगठन का नाम मजबूती से उभरा है। ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ के सोशल मीडिया ग्रुप्स और उनके द्वारा बांटे गए पर्चों की भी जांच की जा रही है। नोएडा के डीसीपी ने साफ किया है कि किसी भी सूरत में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन से जुड़े मुख्य कार्यकर्ताओं की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस संगठन को कहीं बाहर से फंडिंग तो नहीं मिल रही थी।अमर उजाला विशेष: औद्योगिक नगरी में दहशत का सायानोएडा और ग्रेटर नोएडा की फैक्ट्रियों में काम करने वाले हजारों मजदूरों और उद्यमियों के बीच इस घटना के बाद से खौफ का माहौल है। उद्यमियों का कहना है कि अगर इस तरह के ‘अराजक तत्व’ सक्रिय रहे, तो निवेश और रोजगार दोनों पर बुरा असर पड़ेगा। पुलिस ने एहतियात के तौर पर औद्योगिक क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है और इंटेलिजेंस यूनिट को भी अलर्ट पर रखा है। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, जो नोएडा में सक्रिय इन भूमिगत संगठनों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर देंगी।