IPL 2026 : विदेशी खिलाड़ियों की मनमानी पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले हमारी मेहमाननवाजी का नाजायज फायदा उठाना बंद करो’

News India Live, Digital Desk: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आगाज से पहले ही विदेशी खिलाड़ियों के टूर्नामेंट से हटने और देरी से आने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस ‘वर्कलोड मैनेजमेंट’ और निजी कारणों के बहाने टूर्नामेंट को हल्के में लेने वाले विदेशी सितारों पर महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर का गुस्सा फूट पड़ा है। गावस्कर ने दोटूक शब्दों में कहा है कि विदेशी खिलाड़ी भारतीय फ्रैंचाइजी की प्रतिबद्धता और भारत की ‘अतिथि देवो भव:’ वाली परंपरा का गलत फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने टीम मालिकों को सलाह दी है कि अब इन ‘नखरेबाज’ खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का वक्त आ गया है।’करोड़ों लेकर भी कमिटमेंट नहीं’, गावस्कर ने सुनाई खरी-खोटीसुनील गावस्कर ने अपने हालिया कॉलम में उन खिलाड़ियों को आड़े हाथों लिया जो नीलामी में बिकने के बाद ऐन वक्त पर नाम वापस ले लेते हैं। गावस्कर ने लिखा, “फ्रैंचाइजी मालिक इन विदेशी खिलाड़ियों को हर तरह की सुविधाएं देते हैं। उनके परिवारों के रहने और घूमने का खर्च भी टीम ही उठाती है, जो इन करोड़पति खिलाड़ियों के लिए पूरी तरह मुफ्त होता है। दुर्भाग्य से, भारत की इस मेहमाननवाजी को कुछ खिलाड़ी अपना अधिकार समझ लेते हैं और फिर अपनी मर्जी से टूर्नामेंट में आने या न आने का फैसला करते हैं।”फ्रैंचाइजी की मेहनत पर फिर जाता है पानीपूर्व भारतीय कप्तान ने इस बात पर जोर दिया कि एक खिलाड़ी के हटने से पूरी टीम का संतुलन बिगड़ जाता है। उन्होंने कहा, “जब कोई टीम नीलामी में किसी खिलाड़ी को चुनती है, तो उसके पीछे महीनों की प्लानिंग होती है। लेकिन जब खिलाड़ी बिना किसी ठोस चोट के, निजी कारणों का हवाला देकर टूर्नामेंट छोड़ देते हैं, तो फ्रैंचाइजी की सारी रणनीति धरी की धरी रह जाती है।” गावस्कर का मानना है कि अगर फ्रैंचाइजी मालिकों ने अब भी सख्त कदम नहीं उठाए, तो उनके खिताब जीतने के सपने को ये खिलाड़ी ऐसे ही चोट पहुंचाते रहेंगे।टीम मालिकों को दी ‘ड्रॉप’ करने की सख्त सलाहगावस्कर ने आईपीएल की सभी 10 टीमों के मालिकों को सुझाव दिया है कि जो खिलाड़ी अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं करते, उन्हें बिना किसी झिझक के टीम से बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब तक मालिक सख्त नहीं होंगे और इन खिलाड़ियों को ड्रॉप करना शुरू नहीं करेंगे, तब तक यह सिलसिला नहीं रुकेगा। खिलाड़ियों को यह समझना होगा कि वे टीम के प्रति जवाबदेह हैं।” गौरतलब है कि इस सीजन में भी कई बड़े नाम चोट या वर्कलोड के नाम पर टूर्नामेंट से दूरी बना रहे हैं, जिससे बीसीसीआई के नियमों पर भी सवाल उठ रहे हैं।